Chandauli News: पितृपक्ष मेला 2026, गया जंक्शन पर 11.78 लाख यात्रियों का सुगम सफर

Chandauli News: डीडीयू मंडल ने पितृपक्ष मेले में सुरक्षा, टिकटिंग, चिकित्सा और विश्राम की विशेष व्यवस्था की। 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक 11,78,097 यात्रियों ने सफर किया।

Sunil Kumar
Published on: 11 Oct 2026 8:46 PM IST
Easy journey of 11.78 lakh passengers at Pitrupaksha Fair 2026, Gaya Junction
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पितृपक्ष मेला 2026, गया जंक्शन पर 11.78 लाख यात्रियों का सुगम सफर (Photo- Newstrack)

Chandauli News: बिहार के गया जी में आयोजित पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान पिंडदान के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस अवसर पर पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल द्वारा गया जंक्शन पर यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु ट्रेन संचालन के लिए अभूतपूर्व और व्यापक इंतजाम किए गए। महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग के मार्गदर्शन और मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना के नेतृत्व में रेल प्रशासन ने पूरी निष्ठा के साथ कार्य किया।

सुचारु ट्रेन परिचालन और रिकॉर्ड यात्री आवागमन

मेले के दौरान 26 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक कुल 1,726 कोचिंग ट्रेनों का संचालन किया गया। इनमें गया जंक्शन से 436 प्रारंभिक, 441 गंतव्य और 849 पासिंग ट्रेनें शामिल थीं।

इस अवधि में कुल 11,78,097 यात्रियों का आवागमन दर्ज किया गया। प्रतिदिन औसतन 78,540 यात्रियों ने यात्रा की, जबकि 5 अक्टूबर को सर्वाधिक 94,734 यात्रियों की आवाजाही रही। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए 2 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया और पटना रूट की ट्रेनों को भी सुविधा प्रदान की गई।

टिकटिंग और आधुनिक होल्डिंग एरिया की व्यवस्था

यात्रियों की सुविधा के लिए टिकटिंग और विश्राम के पुख्ता इंतजाम किए गए थे:

टिकटिंग काउंटर: गया जंक्शन पर प्रति पाली 5 आरक्षित और 10 अनारक्षित टिकट काउंटर चौबीसों घंटे चालू रहे। इसके अलावा मोबाइल टिकटिंग और 7 स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीनों की मदद ली गई। विष्णुपद मंदिर और रामसागर तालाब के पास भी विशेष काउंटर बनाए गए।

विश्राम स्थल (होल्डिंग एरिया): लगभग 3,625 वर्गमीटर क्षेत्र में 5 अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाए गए, जहां 5,000 से अधिक लोगों के बैठने की क्षमता थी। जर्मन टेंट आधारित इन परिसरों में पेयजल, शौचालय, नियमित उद्घोषणा और सहायता बूथ जैसी सुविधाएं थीं, जिनका लाभ लगभग एक लाख पिंडदानियों ने उठाया।

सुरक्षा, चिकित्सा और यात्री सहायता सेवाएँ

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कड़े प्रबंध किए गए थे:

सुरक्षा प्रबंध: लगभग 256 आरपीएफ जवान, 150 जीआरपी कर्मी और 200 सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फुट ओवरब्रिज पर विशेष कर्मी तैनात किए गए।

चिकित्सा सुविधा: प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर चौबीसों घंटे मेडिकल बूथ काम कर रहा था, जिसमें डॉक्टर, नर्स, दवाइयां और एम्बुलेंस की तैनाती थी। बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए 30 व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गईं।

स्वच्छता और उच्चाधिकारियों की निरंतर निगरानी

गया जंक्शन पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए 60 अतिरिक्त सफाईकर्मी और 270 रेलकर्मियों को लगाया गया था। इसके साथ ही अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन पर भी 5 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव दिया गया ताकि यात्रियों को आवाजाही में आसानी हो। महाप्रबंधक और मंडल रेल प्रबंधक ने लगातार क्षेत्र का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं से सीधे संवाद कर फीडबैक प्राप्त किया। डीडीयू मंडल के इन बेहतरीन प्रयासों से सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक रही।

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