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Chandauli News: आपदा बना कमाई का अवसर, गड़ई नदी की खुदाई में भ्रष्टाचार का आरोप
Chandauli News: गड़ई नदी की खुदाई कार्य में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों ने आपदा राहत कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Chandauli News(Photo-Social Media)
Chandauli News: चंदौली जनपद में बाढ़ से राहत दिलाने के उद्देश्य से कराई जा रही गड़ई नदी की खुदाई अब विवादों में घिर गई है। किसानों ने आरोप लगाया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को जलभराव से बचाने के लिए चल रहे खुदाई कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि नदी से निकाली जा रही मिट्टी का उपयोग तटबंध या डौला बनाने में करने के बजाय उसे बेचकर आर्थिक लाभ कमाया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार खुदाई का अधिकांश कार्य रात के अंधेरे में कराया जा रहा है, जिससे वास्तविक स्थिति लोगों की नजरों से दूर रहे। किसानों ने आरोप लगाया कि मिट्टी की बिक्री के लालच में निर्धारित मानकों से अधिक गहराई तक खुदाई की जा रही है, जिससे भविष्य में नदी के किनारे बसे इलाकों को नए खतरे का सामना करना पड़ सकता है। उनका कहना है कि यह कार्य बाढ़ नियंत्रण के बजाय कुछ लोगों के लिए कमाई का जरिया बनता जा रहा है।
मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के पड़या स्थित गड़ई नदी का है। बुधवार को जिले में आयोजित बाढ़ सुरक्षा संबंधी मॉक ड्रिल के दौरान जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान आक्रोशित किसानों ने उन्हें घेरकर नदी खुदाई में हो रही कथित अनियमितताओं की जानकारी दी और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
किसानों ने जिलाधिकारी को बताया कि सरकारी धन से चल रहे इस कार्य में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र के किसान बड़े आंदोलन के लिए मजबूर हो सकते हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासनिक निगरानी के अभाव में जिम्मेदार लोग सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि किसानों का कहना है कि केवल जांच के आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए। क्षेत्र में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


