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Chandauli News: एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी, 102/108 की टीम ने सूझबूझ से सुरक्षित कराया प्रसव
Chandauli News: चंदौली में 102/108 एम्बुलेंस टीम की सूझबूझ से रास्ते में गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया, मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी, 102/108 की टीम ने सूझबूझ से सुरक्षित कराया प्रसव (Photo- Social Media)
Chandauli News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बार फिर स्वास्थ्य सेवा की तत्परता और संवेदनशीलता की सुखद तस्वीर सामने आई है। यहाँ 102/108 एम्बुलेंस सेवा की टीम ने अपनी मुस्तैदी और सूझबूझ से एक गर्भवती महिला का एम्बुलेंस के अंदर ही सुरक्षित प्रसव कराया। सही समय पर लिए गए फैसले और एम्बुलेंस कर्मियों के अनुभव के कारण आज माँ और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित हैं। इस सराहनीय कार्य ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपातकालीन स्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, यह सेवा आमजन के लिए एक बड़ा सहारा है।
प्रसव पीड़ा बढ़ी, तो तुरंत बुलाई गई एम्बुलेंस
मामला चंदौली जनपद का है, जहाँ एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हो गई। महिला की बिगड़ती हालत को देख घबराए परिजनों ने बिना समय गंवाए तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा को फोन मिलाया। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस कंट्रोल रूम ने तत्परता दिखाई और मौके के सबसे नजदीक मौजूद एम्बुलेंस को तुरंत पीड़ित महिला के घर के लिए रवाना कर दिया।
रास्ते में बिगड़ी स्थिति, EMT ने संभाला मोर्चा
एम्बुलेंस लेकर पायलट सुरेंद्र यादव और ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन) नेहा बिना कोई वक्त गंवाए मौके पर पहुँचे। उन्होंने महिला को प्राथमिक उपचार दिया और तुरंत नजदीकी अस्पताल के लिए रवाना हो गए। हालांकि, अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई और स्थिति काफी गंभीर होने लगी। अस्पताल दूर था और समय कम, ऐसे में ईएमटी नेहा ने धैर्य नहीं खोया। उन्होंने अपने प्रशिक्षण और अनुभव का इस्तेमाल करते हुए एम्बुलेंस के अंदर ही प्रसव कराने का फैसला लिया।
गूंजी किलकारी, परिजनों के खिले चेहरे
ईएमटी नेहा की सूझबूझ और पायलट सुरेंद्र यादव के सहयोग से एम्बुलेंस के भीतर ही महिला का सुरक्षित प्रसव संपन्न हुआ। जैसे ही नवजात शिशु की किलकारी एम्बुलेंस में गूंजी, तनाव का माहौल एकदम से खुशी में बदल गया। इसके बाद एम्बुलेंस कर्मियों ने बिना देर किए जच्चा-बच्चा दोनों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र (अस्पताल) में भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टरों ने भी दोनों की जांच की और उन्हें पूरी तरह स्वस्थ घोषित करते हुए एम्बुलेंस टीम की पीठ थपथपाई।
अधिकारियों का मार्गदर्शन और परिजनों का आभार
इस पूरी कामयाबी के पीछे जिला प्रभारी विकास सिंह और प्रोग्राम मैनेजर वरुण कुमार का कुशल मार्गदर्शन रहा, जिनके नेतृत्व में जिले की एम्बुलेंस सेवा लगातार बेहतर काम कर रही है। वहीं, सुरक्षित प्रसव के बाद भावुक परिजनों ने एम्बुलेंस सेवा और पूरी टीम का दिल से आभार व्यक्त किया। परिजनों का कहना था कि अगर सही समय पर एम्बुलेंस न पहुँचती और कर्मचारी हिम्मत न दिखाते, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। आज 102/108 एम्बुलेंस सेवा पूरे प्रदेश में संकट के समय लोगों के लिए भरोसे का दूसरा नाम बन चुकी है।


