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Chandauli News: एसपी साहब से शिकायत पर चौकी इंचार्ज हुए आग बबूला, धमकी से परिवार दहशत में
Chandauli News: चंदौली के बलुआ थाना क्षेत्र में चौकी इंचार्ज पर फर्जी केस में फंसाने और रिश्वत लेने का आरोप, पीड़ित परिवार दहशत में जीने को मजबूर।
एसपी साहब से शिकायत पर चौकी इंचार्ज हुए आग बबूला, धमकी से परिवार दहशत में (Photo- Newstrack)
Chandauli News: चंदौली जनपद में योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बीच बलुआ थाना क्षेत्र की महुअर चौकी एक बार फिर चर्चा में है। चकरा गांव निवासी अनिल यादव ने महुअर चौकी इंचार्ज यज्ञनारायण यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने शिकायत करने पर उसे असलहे के फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी, जिससे पूरा परिवार दहशत में है।
रास्ते के विवाद में फंसा परिवार
अनिल यादव के अनुसार पड़ोसियों द्वारा रास्ते के विवाद और बिजली का तार काट दिए जाने के कारण उनका परिवार महीनों से घर छोड़कर गंगा की रेती में रहने को मजबूर है।
पीड़ित का कहना है कि विपक्षी पक्ष द्वारा रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया है, जिससे उनके परिवार का आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया गया था। एसपी साहब से शिकायत के बाद रास्ता तो खुलवाया गया, लेकिन रस्ते से माफी नहीं हटाई गई और बिजली का तार विपक्षियों द्वारा काटा गया था उसे जोड़ने से चौकी इंचार्ज द्वारा रोक दिया गया।
चौकी इंचार्ज द्वारा रिश्वत मांगने का आरोप
पीड़ित ने आरोप लगाया कि महुअर चौकी इंचार्ज यज्ञनारायण यादव विपक्षी पक्ष के परिजन की तरह व्यवहार कर रहे हैं और लगातार उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। इतना ही नहीं, रास्ता खुलवाने के नाम पर चौकी इंचार्ज द्वारा 10 हजार रुपये लेने का भी आरोप लगाया गया है। इसके बावजूद न तो रास्ता खुलवाया गया और न ही पीड़ित परिवार को राहत मिली।
झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी
अनिल यादव ने बताया कि जब उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल से की तो यह बात चौकी इंचार्ज को नागवार गुजर गई। इसके बाद कथित रूप से उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी जाने लगी। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिसिया दबाव के कारण वे लगातार भय के साये में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने क्षेत्राधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि जांच के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।


