Chandauli News: चंदौली पुलिस का मानवीय चेहरा: यूपी-112 की तत्परता से बची जहर खाने वाली महिला की जान

Chandauli News: अलीनगर में घरेलू विवाद के बाद महिला ने जहर और फिनायल पी लिया। यूपी-112 की पीआरवी-7864 ने तत्परता दिखाकर समय पर अस्पताल पहुंचाया और जान बचाई।

Sunil Kumar
Published on: 30 May 2026 4:11 PM IST
Human face of Chandauli police: UP-112s readiness saves poison-eating womans life
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चंदौली पुलिस का मानवीय चेहरा: यूपी-112 की तत्परता से बची जहर खाने वाली महिला की जान (Photo- Social Media)

Chandauli News: उत्तर प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा यूपी-112 संकट के समय में आम जनमानस के लिए देवदूत साबित हो रही है। जनपद चंदौली में उच्चाधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे पीड़ित सहायता अभियान के तहत यूपी-112 की एक पीआरवी टीम ने अपनी सजगता और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए एक महिला को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। घरेलू विवाद के बाद विषाक्त पदार्थ और फिनायल का सेवन करने वाली महिला के पास यदि पुलिस चंद मिनट देरी से पहुंचती, तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी। पुलिस कर्मियों के इस त्वरित और मानवीय कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।

विषाक्त पदार्थ सेवन की मिली थी सूचना

यह पूरी घटना थाना अलीनगर क्षेत्र की है। दिनांक 29 मई 2026 को सुबह करीब 09:26 बजे यूपी-112 के कंट्रोल रूम को इवेंट संख्या 06090 के माध्यम से एक बेहद संवेदनशील सूचना प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया कि एक घर में पारिवारिक कलह या विवाद के चलते एक महिला ने आत्महत्या के इरादे से कोई जहरीला पदार्थ और फिनायल पी लिया है। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ने तुरंत अलीनगर क्षेत्र में तैनात पीआरवी-7864 को अलर्ट किया और मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए।

एम्बुलेंस का इंतजार किए बिना अस्पताल की ओर दौड़ी पीआरवी

कंट्रोल रूम से मैसेज मिलते ही पीआरवी-7864 के कमांडर सहजानन्द चौधरी और पायलट संजय पाण्डेय बिना एक पल गंवाए, सायरन बजाते हुए तत्काल घटना स्थल के लिए रवाना हो गए। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा बेहद डरावना था। पीड़ित महिला की हालत अत्यंत नाजुक हो चुकी थी और उसके मुंह से झाग निकल रहा था। वह दर्द से तड़प रही थी।

ऐसी गंभीर स्थिति में एम्बुलेंस को फोन कर उसका इंतजार करना महिला की जान पर भारी पड़ सकता था। समय के महत्व और स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पीआरवी कर्मियों ने सूझबूझ दिखाई। उन्होंने बिना समय नष्ट किए महिला को उसके परिजनों के सहयोग से तुरंत अपनी सरकारी पीआरवी गाड़ी में बिठाया और अस्पताल की तरफ दौड़ पड़े।

समय पर इलाज मिलने से टला बड़ा हादसा

पीआरवी कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को अविलंब जिला मुख्यालय स्थित पं० कमलापति त्रिपाठी राजकीय अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। चूंकि मामला जहर के सेवन का था, इसलिए डॉक्टरों ने भी बिना देरी किए तत्काल इलाज शुरू कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, महिला को बिल्कुल सही समय पर अस्पताल लाया गया, जिससे जहर उसके शरीर में पूरी तरह फैल नहीं पाया। समय पर मिले उचित इलाज के कारण अब महिला की स्थिति खतरे से बाहर और पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। इस जीवन रक्षक कार्रवाई के बाद, पुलिस टीम ने अग्रिम वैधानिक कार्रवाई और मामले की जांच हेतु स्थानीय थाना अलीनगर को भी सूचित कर दिया है।

रक्षक बनी पीआरवी-7864 की टीम

महिला को नया जीवन देने वाली इस जांबाज टीम में निम्नलिखित पुलिसकर्मी शामिल रहे, जिनकी सूझबूझ ने खाकी का मान बढ़ाया है:

कमांडर: सहजानन्द चौधरी (पीआरवी-7864)

पायलट: संजय पाण्डेय (पीआरवी-7864)चंदौली पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए है, बल्कि संकट के समय नागरिकों की जान बचाने के लिए हमेशा तत्पर रहती है।

Shashi kant gautam

Shashi kant gautam

Publisher Mail ID - skgautam1208@gmail.com

Experienced Hindi Journalist with 6 Years of Experience

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