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Chitrakoot News: ऐचवारा की रामलीला में धनुष यज्ञ का भव्य मंचन, श्रीराम के जयघोष से गूंजा परिसर
Chitrakoot News: चित्रकूट के मानिकपुर क्षेत्र की ऐचवारा ग्राम पंचायत में ऐतिहासिक रामलीला के दौरान धनुष यज्ञ लीला का भव्य मंचन किया गया।
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Chitrakoot News: मानिकपुर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत ऐचवारा में कई दशकों से चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला में धनुष यज्ञ की लीला का भव्य मंचन किया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामशरण गर्ग द्वारा स्थापित रामलीला की परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जा रही है।धनुष यज्ञ की लीला का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी, दीनदयाल शोध संस्थान (डीआरआई) के सचिव अभय महाजन तथा सहकारी समिति के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने भगवान श्रीराम की आरती उतारकर किया। रामलीला समिति के सदस्यों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर और अंगवस्त्र भेंट करके स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में रामभक्तों की मौजूदगी से रामलीला परिसर भक्तिमय हो उठा।
त्याग और मर्यादा से ही स्थापित होगा रामराज्य : एसपी
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम के चरित्र का अवलोकन कर उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामराज्य की स्थापना से पहले भरत के त्याग और समर्पण को समझना आवश्यक है। राजा दशरथ के चारों पुत्रों का जीवन हमें त्याग, प्रेम, मर्यादा और भाईचारे की सीख देता है।उन्होंने कहा कि समाज में राज्य और सत्ता के लिए छीना-झपटी की भावना के बजाय त्याग और सेवा का भाव होना चाहिए। जब लोग इन आदर्शों को अपनाएंगे, तभी सच्चे अर्थों में रामराज्य की स्थापना संभव होगी।मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को रामचरितमानस के आदर्शों के अनुरूप अपने रिश्तों का निर्वहन करना चाहिए। रिश्तों की गरिमा का सम्मान करने से आपसी विवाद कम होते हैं और परिवार तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारा बढ़ता है।दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव अभय महाजन ने कहा कि चित्रकूट भगवान श्रीराम की तपोस्थली ही नहीं, बल्कि उनकी कर्मस्थली भी है। यहां रहकर यदि हम उनके आदर्शों और कार्यों का अनुसरण नहीं करते हैं, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और सद्मार्ग पर चलने की अपील की।
कलाकारों के सजीव अभिनय ने बांधा समां
धनुष यज्ञ की लीला में स्थानीय कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवान श्रीराम की भूमिका पंकज कुमार के पुत्र अभय ने, जबकि लक्ष्मण की भूमिका नीरज शुक्ला के पुत्र सोमदत्त ने निभाई।रावण और बाणासुर के बीच हुए ओजपूर्ण संवादों ने दर्शकों में उत्साह भर दिया। रावण की भूमिका अखिलेश शुक्ला ने तथा बाणासुर की भूमिका वरिष्ठ ठेकेदार वेद प्रकाश शुक्ला ने निभाई।जनक की भूमिका अरुण कुमार मुन्नू ने अदा की। लक्ष्मण और जनक के बीच हुए संवाद के दौरान कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहीं, लक्ष्मण-परशुराम संवाद ने रामलीला में विशेष आकर्षण पैदा किया। परशुराम की भूमिका रविकांत शुक्ला ने निभाई। उनके दमदार संवादों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं, जिससे पूरा रामलीला परिसर गूंज उठा।हास्य कलाकार के रूप में समिति के प्रबंधक भास्कर शुक्ला ने अपने चुटीले अंदाज से लोगों को खूब गुदगुदाया। उनके हास्य संवाद सुनकर दर्शक ठहाके लगाने लगे। रामलीला के दौरान धार्मिक आस्था, पारिवारिक मर्यादा और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।
समिति ने अतिथियों और रामभक्तों का जताया आभार
रामलीला में दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत रामलीला के संरक्षक एवं गांव के पूर्व प्रधान त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल ने किया। कार्यक्रम के अंत में प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष सुनील शुक्ला ने अतिथियों, कलाकारों और रामभक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया। रामलीला का संचालन वेद प्रकाश शुक्ला ने किया।इस अवसर पर रामकिशोर मिश्रा, रमाशंकर शुक्ल, जयशंकर द्विवेदी, रवि गुप्ता, श्रीनिवास शुक्ला, श्रवण आर्मी, राष्ट्रीय सचिव विजय शुक्ला, मऊ क्षेत्र के समाजसेवी अजय मिश्रा, वेद प्रकाश शुक्ल, रामलीला अध्यक्ष संगम लाल शुक्ल, तीरथ तिवारी, डॉ. दिनेश मिश्रा, मुन्ना गौतम, शंकर लाल शुक्ल, रामकिंकर गौतम, बद्री गुप्ता, सोहन लाल शुक्ला, राममंत्र, अमृतलाल जायसवाल, सुनील तिवारी, प्रेम सिंह और केश सिंह सहित बड़ी संख्या में रामभक्त मौजूद रहे।


