TRENDING TAGS :
Chitrakoot News: गायत्री शक्तिपीठ में नई उत्कर्ष प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न, नए युग पर दिया संदेश
Chitrakoot News: चित्रकूट के गायत्री शक्तिपीठ में नई उत्कर्ष प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न हुई, जिसमें नए युग के निर्माण और संवेदनाओं के जागरण पर जोर दिया गया।
Chitrakoot News(Photo-Social Media)
Chitrakoot News: गायत्री शक्तिपीठ के संचालक डॉ. रामनारायण त्रिपाठी ने कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत करते हुए कहा कि नारी सृष्टि है, पुरुष उसकी रचना, नारी कला है तो पुरुष उसकी कलाकृति। नारी उत्कर्ष और संवेदनाओं के जागरण से ही नवयुग या श्रेष्ठ युग का आगमन संभव होगा। इसीलिए गायत्री परिवार ने नारी उत्कर्ष पर ध्यान दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने कहा कि राजा राममोहन राय के बाद आचार्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने ही नारी की दशा और दिशा बदलने के लिए गायत्री परिवार के रूप में आंदोलन चलाया, जिसका प्रभाव आज समाज में दिखने लगा है।
शांतिकुंज प्रतिनिधि रश्मि जायसवाल ने कहा कि जब देवत्व भी असुरता के आगे नतमस्तक हो जाता है, तो नारी ही दुर्गा बनकर कमान संभालती है और असुरता को दंड देती है। सावित्री अपने पति को वापस लाने के लिए यम को भी सहमत करती हैं, पन्ना धाय राज्य की रक्षा के लिए राजकुमार को बचाने हेतु अपने पुत्र का बलिदान करती हैं, रानी हाड़ा राजा चूड़ावत को अपने स्मृति चिन्ह के रूप में अपना शीश भेंट करती हैं ताकि उनकी याद में राज्य की सुरक्षा प्रभावित न हो। जब देश को स्वतंत्र कराने के लिए बड़े राजा भी नहीं निकल पा रहे थे, तब रानी लक्ष्मीबाई ने गोद में बेटे को लेकर हुंकार भरी।
डॉ. प्रमिला मिश्रा ने कहा कि भारत की पहचान संस्कार और संस्कृति से है, संस्कार देने का काम नारी के अधिकार में है। मध्य काल में नारी शोषण की सुनियोजित योजना संस्कृति समाप्त करने हेतु बनी, समाज पुरुष प्रधान होता गया। पुरुष में पौरुष, बुद्धि, धैर्य और नारी में करुणा, संवेदना, प्रेम दैवी गुण हैं। नारी के गुण समाज में बढ़ेंगे तो देवत्व आएगा।
दिव्या त्रिपाठी ने कहा कि नारी उत्कर्ष के कार्यक्रम द्वारा हर नारी शक्ति के जागरण हेतु गायत्री परिवार का यह कार्यक्रम अभिनंदनीय है। इन्हीं सबका परिणाम है कि नारी हर क्षेत्र में आगे आकर अपनी पहचान बना रही है। इस अवसर पर सविता शिवहरे, संगीता करवरिया, रामजानकी शुक्ला, पुष्पा सिंह, रविमाला सिंह, सुधा तिवारी, अर्चना उपाध्याय, ममता द्विवेदी, अंजू वर्मा के साथ सहयोगी पुरुष डॉ. संतोष मिश्रा, राजेंद्र तिवारी, कमलाकांत उपाध्याय, के.के. त्रिपाठी, अनूप तिवारी, रामशरण शास्त्री, सुधीर द्विवेदी, जिला समन्वयक भावनदीन यादव, रामू खरे, प्रमोद पटेल, शिवम् द्विवेदी, रामलखन केसरवानी आदि सहित समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली 250 बहनें उपस्थित रहीं।


