Chitrakoot News: दिव्यांगों को निःशुल्क कैलिपर्स और अन्य उपकरण भी किए जाएंगे वितरित

Chitrakoot News: जानकीकुंड चिकित्सालय में 28 से 30 जुलाई तक आयोजित शिविर में गुजरात के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज पटेल व टीम उपचार, ऑपरेशन और निःशुल्क उपकरण वितरण करेगी।

Sunil Shukla (Chitrakoot)
Published on: 24 July 2026 6:47 PM IST
Free calipers and other equipment will also be distributed to the disabled
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दिव्यांगों को निःशुल्क कैलिपर्स और अन्य उपकरण भी किए जाएंगे वितरित (Photo- Newstrack)

Chitrakoot News: चित्रकूट में परमहंस संत रणछोड़ दास जी महाराज द्वारा स्थापित संस्थान श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित जानकीकुंड चिकित्सालय में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 37वें जटिल अस्थि रोग निदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में गुजरात के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ मनोज पटेल अपनी टीम के साथ मरीजों को सेवाएं देंगे। उनके साथ जानकीकुंड चिकित्सालय के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ महेश होसामने भी मरीजों का उपचार करेंगे।

28 से 30 जुलाई तक विशेषज्ञ देंगे सेवाएं

डॉ मनोज पटेल और उनकी टीम 28 जुलाई से 30 जुलाई तक अपनी सेवाएं देंगे। इस दौरान जटिल अस्थि रोगों के निदान के साथ जरूरतमंद मरीजों के ऑपरेशन भी किए जाएंगे। शिविर में पोलियो से हुई विकलांगता, घुटनों का प्रत्यारोपण, रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन, आधुनिक तकनीक से इलाज तथा हड्डियों की टूट-फूट सहित अन्य अस्थि रोगों का उपचार और ऑपरेशन किए जाएंगे।

मानव सेवा के उद्देश्य से शुरू हुआ था यह शिविर

श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं डायरेक्टर डॉ इलेश जैन ने बताया कि पहले बड़ी संख्या में लोग पोलियो से प्रभावित होते थे। इसे देखते हुए ट्रस्ट के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय अरविंद भाई मफतलाल और स्वर्गीय पद्मश्री डॉ बी के जैन, जिन्होंने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया था, गरीब, असहाय और वंचित लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। ऐसे कर्मयोगियों ने मानव सेवा के लिए कैंप का माध्यम चुना और ट्रस्ट बोर्ड की बैठक में इस पुनीत कार्य को शुरू करने का निर्णय लिया।

उन्होंने बताया कि ट्रस्ट बोर्ड के निर्णय के बाद वर्ष 1987 में चित्रकूट और आसपास के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पहला पोलियो शिविर आयोजित किया गया था।

पोलियो मुक्त भारत के बाद बदला शिविर का स्वरूप

जानकीकुंड चिकित्सालय की वरिष्ठ जनरल सर्जन डॉ पूनम आडवाणी ने बताया कि भारत सरकार ने वैक्सीनेशन और पोलियो ड्रॉप अभियान के माध्यम से मार्च 2014 में देश को पोलियो मुक्त घोषित किया। इसके बाद इस शिविर का नाम बदलकर जटिल अस्थि रोग निदान शिविर कर दिया गया, ताकि क्षेत्र के लोगों को हड्डियों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा मिल सके।

निःशुल्क मिलेंगे कैलिपर्स और अन्य उपकरण

डॉ पूनम आडवाणी ने बताया कि शिविर में दिव्यांगों को निःशुल्क कैलिपर्स और अन्य आवश्यक उपकरण भी वितरित किए जाएंगे। इसके लिए लाभार्थियों को अपने साथ निवास प्रमाण पत्र, विकलांगता प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट साइज फोटो लेकर आना होगा।

अधिक से अधिक लोग उठाएं शिविर का लाभ

डायरेक्टर डॉ इलेश जैन ने चित्रकूट और आसपास के लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों को हड्डी रोग से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या है, वे इस शिविर में पहुंचकर विशेषज्ञ डॉक्टरों से जांच कराएं और इस निःशुल्क चिकित्सा शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।


Sunil Shukla (Chitrakoot)
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Sunil Shukla (Chitrakoot)

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