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Chitrakoot News: चित्रकूट में आयुक्त ने समाधान दिवस में सुनीं शिकायतें, दिए सख्त निर्देश
Chitrakoot News: चित्रकूट में आयुक्त अजीत कुमार ने समाधान दिवस में जनशिकायतों की सुनवाई की, विभागों की समीक्षा की और स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता व उर्वरक वितरण व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
चित्रकूट में आयुक्त ने समाधान दिवस में सुनीं शिकायतें, दिए सख्त निर्देश (Photo- Newstrack)
Chitrakoot News: चित्रकूटधाम मंडल के आयुक्त अजीत कुमार ने पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) चित्रकूटधाम परिक्षेत्र, बांदा के साथ तहसील मौदहा में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता के साथ लें और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के अनुरूप उसका समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जनसुविधाओं की व्यवस्थाओं की ली समीक्षा
सम्पूर्ण समाधान दिवस के बाद आयुक्त ने चिकित्सा स्वास्थ्य, पंचायतीराज, सिंचाई, जल जीवन मिशन, विद्युत, नगर पालिका और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने पेयजल, बिजली, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आधारभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जरूरी सेवाएं हर हाल में नियमित और सुचारु रूप से संचालित रहें। वर्षा ऋतु को देखते हुए जलभराव, जलजनित रोगों और अन्य संभावित समस्याओं की रोकथाम के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पीसीएफ गोदाम का किया औचक निरीक्षण
इसके बाद आयुक्त ने मौदहा स्थित पीसीएफ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित मिले। गोदाम में यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में किसानों के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं है।
आयुक्त ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की उपलब्धता लगातार बनी रहे और किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। यदि कहीं कालाबाजारी, जमाखोरी या किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों की शिकायतों का तत्काल निस्तारण करने और उर्वरक वितरण की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मिली गंदगी पर जताई नाराजगी
आयुक्त ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, मकराव का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय दोनों एएनएम मौजूद मिलीं और अभिलेखों में तीन मरीजों का उपचार दर्ज पाया गया। स्वास्थ्य केंद्र पर आवश्यक दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थीं।
हालांकि स्वास्थ्य केंद्र तक जाने वाले मार्ग पर कूड़े का ढेर और सड़क किनारे नालियों में गंदगी मिली, जिस पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल जेसीबी बुलाकर सफाई कार्य शुरू कराया और उपजिलाधिकारी मौदहा को निर्देश दिए कि अपनी मौजूदगी में सफाई कार्य पूरा कराकर फोटो सहित अनुपालन रिपोर्ट उसी दिन शाम तक आयुक्त कार्यालय बांदा भेजी जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दिए अहम निर्देश
आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण व्यवहार किया जाए तथा जरूरी दवाओं और जांच सुविधाओं की उपलब्धता लगातार बनी रहे। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों के परिसर और पहुंच मार्ग की नियमित सफाई कराने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा आयुष्मान भारत सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया।
विद्यालय निरीक्षण में मिलीं खामियां
इसके बाद आयुक्त ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय, मकराव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय दोनों अध्यापिकाएं शिक्षण कार्य में लगी मिलीं। विद्यालय में विद्यार्थियों के बैठने के लिए डेस्क, बिजली, पंखे और पेयजल की समुचित व्यवस्था उपलब्ध थी।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय का शौचालय अत्यंत गंदा मिला और बाउंड्रीवाल तथा पोर्च की कुछ टाइलें भी क्षतिग्रस्त पाई गईं। इस पर आयुक्त ने गहरी अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी, हमीरपुर से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।
शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए भी दिए निर्देश
आयुक्त ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि सभी शिक्षक नियमित और समय से विद्यालय पहुंचकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों की आधारभूत शैक्षिक दक्षता विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए और पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए विशेष कक्षाओं का संचालन किया जाए। उन्होंने नियमित पेरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित करने, अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा से जोड़ने और विद्यार्थियों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने विद्यालय परिसर और शौचालयों की नियमित सफाई कराने तथा सभी आधारभूत सुविधाओं के उचित रखरखाव पर जोर दिया। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी को अपने घर, खेत की मेड़ों और आसपास उपलब्ध स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए, ताकि बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित हो सके।
जनहित के कार्यों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
निरीक्षण के समापन पर आयुक्त अजीत कुमार ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व के साथ करने, नियमित क्षेत्रीय भ्रमण करने और लगातार अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आम लोगों को शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समयबद्ध और प्रभावी तरीके से मिल सके।


