Chitrakoot News: शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है -डॉ पूर्वी

Chitrakoot News: राजापुर में आयोजित सम्मान समारोह में 62 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। डॉ. पूर्वी निषाद ने शिक्षा को समाज और व्यक्ति के विकास का आधार बताया।

Sunil Shukla (Chitrakoot)
Published on: 14 Jun 2026 5:49 PM IST
Education is the strongest means of comprehensive development of individual and society - Dr Purvi
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शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है -डॉ पूर्वी (Photo- Newstrack)

Chitrakoot News: चित्रकूट ।नगर पंचायत राजापुर के सभागार में रविवार को वीर एकलव्य सामाजिक एवं शैक्षिक उत्थान मंच चित्रकूट के तत्वावधान में मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट एवं अन्य कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 62 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. पूर्वी निषाद, विशिष्ट अतिथि अयोध्या के डीएसपी राजू निषाद, रणविजय निषाद, जिलाध्यक्ष शिवकुमार निषाद तथा संस्था के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर मां सरस्वती एवं वीर एकलव्य की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ किया।

सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करना जरूरी है

मुख्य अतिथि डॉ. पूर्वी निषाद ने कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के सर्वांगीण विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने व्यक्तित्व, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का भी विकास करना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा के प्रति सजग रहने की अपील की।

विशिष्ट अतिथि डीएसपी राजू निषाद ने कहा कि युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, अनुशासन और मेहनत को जीवन का आधार बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को कमजोर करता है, जबकि शिक्षा समाज को नई दिशा और नई पहचान देती है।

रणविजय निषाद ने कहा कि आज समाज के उत्थान के लिए शिक्षा सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के बाद अनेक युवा पढ़ाई छोड़कर पंजाब, सूरत, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में नौकरी या मजदूरी के लिए चले जाते हैं। इससे वे आगे की शिक्षा से वंचित रह जाते हैं और अपने बेहतर भविष्य के अवसर भी सीमित कर लेते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए निरंतर प्रेरित करने का आग्रह किया।

अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने के लिए शिक्षा जरूरी

जिलाध्यक्ष शिवकुमार निषाद ने कहा कि शिक्षा से ही सामाजिक, बौद्धिक और नैतिक विकास संभव है। शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाकर उन्हें प्रशासनिक, तकनीकी और अन्य प्रतिष्ठित सेवाओं में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए, तभी समाज का वास्तविक उत्थान संभव होगा।


संस्था के संरक्षक डॉ. प्रकाश चंद निषाद ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, छात्र-छात्राओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंच का उद्देश्य समाज में शिक्षा का प्रसार, नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता तथा प्रतिभाओं को सम्मान देकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि संस्था भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।


इस अवसर पर उपाध्यक्ष सुशील कुमार निषाद, कोषाध्यक्ष बलकेश्वर दत्त निषाद, महासचिव राजकुमार निषाद, सभासद दयालू निषाद, अनिल निषाद, अजय निषाद, धर्मेंद्र निषाद, बोधीप्रसाद निषाद, रामसूरत निषाद, देवमूरत निषाद, राघव निषाद, शंभू दयाल निषाद, कृपाशंकर निषाद सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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