योगी सरकार का बड़ा फैसला, ग्राम प्रहरियों की बढ़ी सैलरी! अब UP के 234 गांवों में पर्यटन से होगी कमाई

Village Watchmen Honorarium: योगी सरकार ने यूपी के 70 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2500 से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। वहीं, ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत 234 गांव विकसित किए जा रहे हैं, जिससे गांवों में रोजगार और कमाई के नए अवसर मिलेंगे।

Aditya Kumar Verma
Published on: 12 Oct 2026 10:42 PM IST (Updated on: 12 Oct 2026 10:44 PM IST)
Yogi Government Hikes Village Watchmen Honorarium
X

Image Source- Social Media

Village Watchmen Honorarium: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने ग्राम प्रहरियों (Village Watchmen) को राहत देते हुए उनके मासिक मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की है। अब प्रदेश के करीब 70 हजार ग्राम प्रहरियों को हर महीने 3500 रुपये मानदेय मिलेगा। पहले उन्हें 2500 रुपये दिए जा रहे थे। इस फैसले से ग्राम प्रहरियों के मानदेय में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, सरकार ने गांवों में रोजगार और कमाई के नए अवसर तैयार करने के लिए ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism) को भी बढ़ावा दिया है। प्रदेश के 234 गांवों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय संस्कृति, खानपान, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवन के जरिए लोगों की आमदनी बढ़ाने की तैयारी है।

70 हजार ग्राम प्रहरियों को मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय

योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की मदद करने वाले ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाने का फैसला किया है। अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग संजय प्रसाद ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाने का निर्देश दिया था।

अब तक प्रदेश के लगभग 70 हजार ग्राम प्रहरियों को प्रतिमाह 2500 रुपये मानदेय मिलता था। एक हजार रुपये की बढ़ोतरी के बाद उन्हें हर महीने 3500 रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बरेली पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम प्रहरियों को सम्मानित भी करेंगे।

सरकार पर हर साल 84 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार

ग्राम प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी से सरकार पर प्रतिवर्ष करीब 84 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ेगा। सरकार ने इससे पहले प्रांतीय रक्षा दल (पीआरडी) के जवानों के दैनिक भत्ते में बढ़ोतरी की थी। इसके बाद ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाया गया है। इससे पहले होमगार्ड स्वयंसेवकों के मानदेय में भी इजाफा किया जा चुका है।

ग्राम प्रहरी ग्रामीण इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और पुलिस के सूचनातंत्र (Police Intelligence Network) को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। स्थानीय थानों से जुड़कर वे गांवों में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस के सहयोगी के रूप में काम करते हैं। लंबे समय से उनके मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी।

यूपी के गांवों में पर्यटन से कमाई का नया मौका

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism) के जरिए गांवों के लोगों के लिए आमदनी के नए रास्ते तैयार किए जा रहे हैं। प्रदेश में पर्यटन अब अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं रह रहा है, बल्कि गांवों को भी पर्यटन के नए केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।

इसके तहत पर्यटकों को गांवों की स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, खानपान और ग्रामीण जीवन से रूबरू कराने की तैयारी है। इन अनुभवों को पर्यटन से जोड़कर ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के अवसर पैदा किए जा रहे हैं।

एग्री रूरल एंड गंगे ग्राम रूरल टूरिज्म परियोजना (Agri Rural and Gange Gram Rural Tourism Project) के तहत प्रदेश के 234 गांवों को ग्रामीण पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य गांवों की खास पहचान और स्थानीय संसाधनों को पर्यटन से जोड़ना है, ताकि ग्रामीणों को भी इससे आर्थिक लाभ मिल सके।

52 गांवों में विकास कार्य पूरा

ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत अब तक 52 गांवों में विकास कार्य पूरा हो चुका है। पर्यटकों को पर्यटन स्थलों की जानकारी देने और वहां पहुंचने में सुविधा के लिए चयनित गांवों में 1060 साइनेज बोर्ड (Signage Boards) लगाए गए हैं।

इसके अलावा पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था के लिए 1920 होम स्टे (Homestays) चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 970 होम स्टे एनआईडीएचआई पोर्टल (NIDHI Portal) पर पंजीकृत हैं और 920 होम स्टे संचालित हो रहे हैं। वहीं, करीब 1000 होम स्टे अभी विकास के चरण में हैं।

पर्यटन विभाग के नए पोर्टल पर भी 195 होम स्टे पंजीकृत किए गए हैं। इन व्यवस्थाओं के जरिए गांवों में पर्यटकों के ठहरने और स्थानीय जीवन का अनुभव लेने की सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है।

ग्रामीणों को रोजगार और आमदनी से जोड़ने की तैयारी

प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय लोगों को होम स्टे संचालन, खानपान और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में कमाई के अवसर मिल सकते हैं। गांवों की लोक परंपराओं और संस्कृति को पर्यटन से जोड़ने की योजना के तहत पर्यटकों को ग्रामीण जीवन का अनुभव कराने पर जोर दिया जा रहा है।

सरकार की परियोजना के तहत 234 गांवों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें 52 गांवों का विकास पूरा हो चुका है, जबकि होम स्टे और पर्यटकों की सुविधाओं से जुड़े काम आगे बढ़ रहे हैं। पर्यटन विभाग का लक्ष्य ग्रामीण पर्यटन को प्रदेश में और मजबूत करना है, ताकि उत्तर प्रदेश के गांव भी पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में अपनी पहचान बना सकें।

Aditya Kumar Verma
ABOUT THE AUTHOR

Aditya Kumar Verma

Content Writer Mail ID - adityakumarverma993@gmail.comadityakumarverma993@gmail.com

आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

Next Story