TRENDING TAGS :
CM Yogi Ram Mandir: राम लला के दरबार पहुंचेंगे CMयोगी, पर आसपास नहीं दिखेंगे चंपत राय, लगाई गई रोक
CM Yogi Ram Mandir: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर रहेंगे। उनके प्रस्तावित कार्यक्रमों में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन और विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा शामिल है।
CM Yogi Ram Mandir
CM Yogi Ram Mandir: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर रहेंगे। उनके प्रस्तावित कार्यक्रमों में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन और विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा शामिल है। इस दौरे से पहले एक प्रशासनिक निर्देश ने राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय मुख्यमंत्री के राम मंदिर कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर विवाद और जांच की चर्चाएं चल रही हैं।
चंपत राय से प्रतिनिधि नामित करने का अनुरोध
जिला प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा और प्रोटोकॉल संबंधी निर्देशों में चंपत राय से कहा गया है कि मुख्यमंत्री के श्रीराम मंदिर दर्शन कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं के लिए वह किसी अन्य व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि नामित करें। साथ ही संबंधित जानकारी ड्यूटी मजिस्ट्रेट को उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है। प्रशासनिक आदेश के इस बिंदु ने कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है। आमतौर पर ऐसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी रहती है, लेकिन इस बार प्रतिनिधि भेजने के निर्देश को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
चढ़ावा विवाद के बीच बढ़ी राजनीतिक चर्चा
सूत्रों के अनुसार यह निर्देश ऐसे समय जारी किया गया है जब राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से इस आदेश को किसी विवाद से जोड़कर नहीं देखा गया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। राम मंदिर से जुड़े मुद्दों की संवेदनशीलता को देखते हुए इस फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
प्रशासन और ट्रस्ट की ओर से चुप्पी
अब तक न तो जिला प्रशासन और न ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि चंपत राय को प्रतिनिधि भेजने का निर्देश सामान्य सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है या इसके पीछे कोई अन्य प्रशासनिक कारण है। चंपत राय के समर्थन में विभिन्न स्तरों पर सफाई और प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, लेकिन फिलहाल उनका कोई स्पष्ट प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है।


