Yogi Adityanath: राम से द्रोह करने वालों को धरती पर जगह नहीं मिली: सीएम योगी

Yogi Adityanath: रामकथा महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद और लैंड जिहाद के खिलाफ समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के प्रति निष्ठा और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान आवश्यक है।

Newstrack Network
Published on: 9 Jun 2026 4:28 PM IST
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Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने दो-टूक कहा कि जिनके मन में भारत के प्रति आस्था, निष्ठा नहीं है और जो संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, ऐसे लोगों के लिए भारत की धरती धर्मशाला नहीं हो सकती। प्रभु श्रीराम से द्रोह करने वालों को धरती पर जगह नहीं मिली। लव व लैंड जिहाद के प्रति आगाह करते हुए सीएम ने कहा कि इसके विरुद्ध समाज को एकजुटता के साथ खड़ा होना होगा। तोड़ने वाली ताकतें जाति, भाषा, क्षेत्र के नाम पर विभाजित करने की चेष्टा करेंगी, लेकिन भारत की संत शक्ति समाज को एकजुट कर देश को आगे ले जाना चाहती हैं। व्यासपीठ द्वारा जिस मर्म को समझाने का प्रयास किया गया, हमें उसे आत्मसात करना होगा। कथा केवल सुनने की नहीं, बल्कि अंगीकार करने की महत्वपूर्ण कड़ी का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को राजधानी में 9 दिवसीय रामकथा महोत्सव के समापन समारोह में रामभक्तों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रामकथा का श्रवण भी किया। कथा का वाचन तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा किया गया। सीएम योगी ने श्रद्धालुओं से कहा कि जो भी प्रभु के सान्निध्य में आया, वह दैवीय आपदा से मुक्त रहता है। उन्होंने कामना की कि हर श्रद्धालु का जीवन सुख व समृद्ध के साथ बढ़ता रहे।

राम नाम में हर समस्या का समाधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों ने श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन को जन्म-मरण का प्रश्न बनाया था। संत इसका श्रेय नहीं चाहते थे, वे सिर्फ इसलिए अभियान से जुड़े क्योंकि भारतीय परंपरा, विरासत में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम सभी के आदर्श हैं और राम नाम में जीवन की हर समस्या का समाधान है। राजनीति व पूर्वाग्रह से ग्रसित कुछ चुनिंदा नामों को छोड़ दें तो हर भारतवासी, जिसके अंदर भारत का डीएनए है, उसने भगवान राम के आदर्शों को जीवन का हिस्सा बनाया है। मर्यादा पुरुषोत्तम का नाम उत्तर से दक्षिण व पूरब से पश्चिम तक हर भारतीय को जोड़ने का सामर्थ्य रखता है।

अदालत ने भी माना- सैकड़ों वर्षों से अन्याय

सीएम ने कहा कि 491 वर्ष तक श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन चलता रहा। 2019 में सर्वोच्च न्यायालय की फुल बेंच के न्यायमूर्तियों ने अपने फैसले में कहा कि जहां रामलला विराजमान हैं, वहीं रामजन्मभूमि है। इसे लेकर साक्ष्य-प्रमाण और विद्वानों के वक्तव्य भी दिए गए थे। सर्वोच्च न्यायालय के एक न्यायमूर्ति ने स्वामी रामभद्राचार्य जी के बारे में कहा कि जब मैंने उनके वक्तव्य को सुना तो लगा कि सनातन धर्मावलंबियों के साथ सैकड़ों वर्षों से अन्याय हो रहा था।

संतों की साधना राष्ट्र कल्याण व लोकमंगल के लिए

गोरक्षपीठाधीश्वर ने कहा कि संतों की साधना राष्ट्र कल्याण व लोकमंगल के लिए है। जगद्गुरु श्रीरामभद्राचार्य जी द्वारा स्थापित भारत का पहला दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट में है और वह उसके कुलाधिपति हैं। इस उम्र में वह आराम कर सकते थे, लेकिन राष्ट्रमंगल की कामना के साथ प्रभु की कथा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। देश-दुनिया में कोई भी भक्त बुलाता है तो प्रभु की कृपा को जन-जन तक पहुंचाते हैं। इसके पीछे उनका उद्देश्य है कि भगवान राम के विराट आदर्शों से भक्त थोड़ा भी अंश जीवन में अंगीकार कर लें तो उनका, समाज व देश का कल्याण हो सकता है।

नकारात्मक ताकतें आएंगी तो तहस-नहस करेंगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण और उसके राक्षसों की आर्याव्रत में घुसपैठ थी। खर-दूषण के आतंक से दंडकारण्य त्रस्त था। ताड़का, मारीच व सुबाहु ने बस्तर के वनों, नगरों को उजाड़ दिया था। जब भी नकारात्मक ताकतें वर्चस्व में आएंगी तो तहस-नहस करेंगी। शिक्षण संस्थानों व शोध केंद्रों को वैसे ही बंजर करेंगी, जैसे खर-दूषण व ताड़का द्वारा किया जाता था।

सीएम ने मारीच व शकुनि पर किया कटाक्ष

सीएम ने कहा कि महर्षि विश्वामित्र प्रभु श्रीराम को अपनी कथा की रक्षा के बहाने ले गए और उनकी ताकत को देखना चाहा। उनका सबसे पहला मुकाबला ताड़का से हुआ। मारीच व सुबाहु का भी अंत हुआ। पहले मारीच ने रावण को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन रावण ने उसे मारने की धमकी दी, तब मारीच ने कहा कि यदि मरना ही है तो रावण के हाथों नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम के हाथों मरूंगा ताकि उद्धार हो जाए। सीएम ने कटाक्ष किया कि मारीच रिश्ते में रावण का मामा लगता था। मामा व चाचा अनुचित व्यवस्था में पड़ते हैं तो कुसंग की तरफ ले जाते हैं, सन्मार्ग की तरफ नहीं। दुर्योधन के मामा शकुनि ने महाभारत करा दिया।

लव जिहाद रोकने पर दिया बल

सीएम ने कहा कि रावण ने मां जानकी का अपहरण किया। भगवान राम ने यत्न कर उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ा। नारी गरिमा की रक्षा लव जिहाद को रोकने के लिए आदर्श उदाहरण हो सकता है। केरल उच्च न्यायालय ने 2009 व 2011 में रिलीजियस डेमोग्राफी को चेंज करने की साजिश पर चिंता व्यक्त की, लेकिन उस समय भी ध्यान नहीं दिया गया। उत्तर प्रदेश में हमने 2020 में सख्त कानून बताया, फिर भी इस पर व्यापक जनजागरूकता की आवश्यकता है।

लैंड जिहाद से जुड़े थे खऱ-दूषण

सीएम ने कहा कि हर कालखंड में नकारात्मक ताकतें आएंगी, लेकिन इसके मुकाबले के लिए समाज की सज्जन शक्ति को मिलकर तैयार रहना होगा। मारीच, खर-दूषण, सुबाहु भी लैंड जिहाद से जुड़े थे। जबरन जमीन पर कब्जा कर रहे थे। हमें लैंड जिहाद से जुड़े लोगों से मुकाबले को भी तैयार रहना होगा। खाली जमीन पर तंबू गाड़ने की प्रथा बंद होनी चाहिए।

रामद्रोहियों को धरती पर जगह नहीं मिली

सीएम ने कहा कि शिव हों या राम, हम जिसे भी मानते हैं, उनके आदर्शों को जीवन का हिस्सा बनाएं। उनके अनुरूप जीवन जीने और बनने का प्रयास करें और परिवार के सदस्यों को उन आदर्शों से प्रेरणा लेने को प्रेरित करें। जिसने भी राम को जीवन का आदर्श बनाया, उसका कल्याण हुआ। जिसने राम का द्रोह किया, उसे धरती पर जगह नहीं मिली। मारीच, रावण समेत रामायण काल के अनेक उदाहरण हैं, जो उच्च कुल व श्रेष्ठ व्यवस्था में जन्म लेने के बाद भी पशुवत मारे जाते हैं, क्योंकि उन्होंने राम के साथ द्रोह किया।

राम की संगति में पूज्य हो गए हनुमान व विभीषण

सीएम ने कहा कि पवनसुत हनुमान या विभीषण भगवान राम की संगति में आने के बाद पूज्य हो गए। गांव के अनपढ़ व्यक्ति को भी हनुमान चालीसा अवश्य याद रहती है। मध्यकाल में तुलसीदास ने जन-चेतना जागृत करते हुए विदेशी आक्रांताओं के प्रति सचेत होने और भगवान के प्रति भक्ति का संदेश देकर उत्तर भारत को एकता के सूत्र में जोड़ने का कार्य किया, वही कार्य तुलसी पीठाधीश्वर कर रहे हैं।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने समाज को दी दिशा

सीएम योगी ने कहा कि यहां यह जानने-सुनने का अवसर प्राप्त हुआ कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रभु की गाथा को हम सब कैसे अंगीकार कर सकते हैं। जगद्गुरु बनने के पहले रामभद्राचार्य जी ने लंबे समय तक अखंड साधना की। उन्होंने समाज को दिशा दी है। अपनी मेहनत, दृढ़ संकल्प के साथ जीवन की बाधाओं व समाज की बेड़ियों को तोड़ा है। उन्होंने देश के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है कि आपके सत्संकल्प के सामने कोई बाधा नहीं टिक सकती। सीएम ने कहा कि छह माह के लिए उनका फिर से एकांतिक साधना के लिए प्रस्थान हो रहा है। प्रार्थना है कि यह साधना पर्व राष्ट्र मंगल के लिए कल्याणकारी हो।

9 दिवसीय इस रामकथा का आयोजन सीतापुर रोड स्थित सेवा अस्पताल परिसर में किया गया। इस अवसर पर विधायक नीरज बोरा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

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