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Codeine Cough Syrup Case: इनामी मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल भगोड़ा घोषित, दुबई में छिपे होने की आशंका
Codeine Cough Syrup Case: बहुचर्चित कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और उसके दो सहयोगियों वरुण सिंह तथा गौरव जायसवाल को भगोड़ा घोषित कर दिया है।
Codeine Cough Syrup Scam
Codeine Cough Syrup Case: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और उसके दो सहयोगियों वरुण सिंह तथा गौरव जायसवाल को भगोड़ा घोषित कर दिया है। तीनों आरोपियों पर पहले से एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। पुलिस का कहना है कि अदालत से कई बार गैर-जमानती वारंट, लुक आउट नोटिस और कुर्की की कार्रवाई होने के बावजूद आरोपी जांच एजेंसियों के सामने पेश नहीं हुए। इसके बाद एसटीएफ की पहल पर सुशांत गोल्फ सिटी थाने में तीनों के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज कर उन्हें विधिवत भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड है शुभम
पुलिस जांच के अनुसार, वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। उस पर उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी करने का आरोप है। उसके सहयोगी वरुण सिंह और गौरव जायसवाल भी इस नेटवर्क का अहम हिस्सा बताए जा रहे हैं। तीनों आरोपियों के खिलाफ 8 अप्रैल 2024 को धोखाधड़ी, एनडीपीएस एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद से एसटीएफ और पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई है।
दुबई फरार होने की आशंका
जांच एजेंसियों के अनुसार कार्रवाई तेज होने के बाद शुभम जायसवाल भारत छोड़कर दुबई भाग गया। पुलिस को आशंका है कि उसके दोनों करीबी सहयोगी वरुण सिंह और गौरव जायसवाल भी उसके साथ दुबई में ही छिपे हुए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में दबिश दी गई, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है। इसी कारण उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को और तेज किया गया है।
अदालत के आदेश के बाद भी नहीं हुए पेश
विशेष एनडीपीएस अदालत ने 4 फरवरी 2026 को तीनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद 18 फरवरी 2026 को सीआरपीसी की धारा 82 के तहत फरार घोषित करने की उद्घोषणा जारी की गई और आरोपियों को 18 मार्च तक अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। इसके बावजूद आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए। लगातार गैरहाजिर रहने के चलते अब उन्हें आधिकारिक रूप से भगोड़ा घोषित कर दिया गया है।
अब तक 18 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस और एसटीएफ पहले ही कई अहम गिरफ्तारियां कर चुकी है। शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल को कोलकाता एयरपोर्ट से बैंकॉक भागने की कोशिश के दौरान गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा इस मामले में पूर्वांचल के एक बाहुबली से जुड़े बताए जाने वाले बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित टाटा समेत कई अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब तक इस नेटवर्क से जुड़े कुल 18 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
38 करोड़ की संपत्ति जांच के घेरे में
एसटीएफ ने जांच के दौरान शुभम जायसवाल की कथित अवैध कमाई से अर्जित करीब 38 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विवरण तैयार किया है। इनमें प्लॉट, मकान, वाहन और अन्य निवेश शामिल हैं। अब तक महरौली और शिवपुरी क्षेत्र में स्थित करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। वहीं, शेष लगभग 33 करोड़ रुपये की संपत्तियों को भी जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे तस्करी नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने में मदद मिलेगी।


