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Deoria News: कृष्ण मोहन सिंह सुसाइड केस में बड़ी कार्रवाई, बीएसए शालिनी श्रीवास्तव निलंबित, जांच शुरू
Deoria News: कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में जांच रिपोर्ट के बाद बड़ी कार्रवाई, हाईकोर्ट आदेश के बावजूद वेतन बहाल न करने पर शासन ने किया निलंबन, शिक्षक कर रहे थे प्रदर्शन
कृष्ण मोहन सिंह सुसाइड केस में बड़ी कार्रवाई, बीएसए शालिनी श्रीवास्तव निलंबित, जांच शुरू (Photo- Social Media)
Deoria News: उत्तर प्रदेश के Deoria जिले में शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। शासन स्तर से यह कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी Divya Mittal ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शासन को निलंबन की संस्तुति भेजी थी। जांच में बीएसए स्तर पर लापरवाही और आदेशों के अनुपालन में ढिलाई सामने आई थी।
हाईकोर्ट आदेश के बावजूद वेतन बहाल नहीं
गौरीबाजार विकास खंड के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में वर्ष 2011 और 2016 में शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। 9 जुलाई 2021 को Uttar Pradesh Special Task Force (एसटीएफ) गोरखपुर ने तत्कालीन वित्त एवं लेखाधिकारी सहित 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
जांच की आंच बीएसए कार्यालय तक पहुंची और 2016 में नियुक्त शिक्षकों का वेतन 2022 में रोक दिया गया। प्रभावित शिक्षकों में कृष्ण मोहन सिंह भी शामिल थे। उन्होंने वेतन बहाली के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बावजूद उनका वेतन बहाल नहीं किया गया।
कर्ज और मानसिक तनाव में उठाया आत्मघाती कदम
लगातार वेतन न मिलने और कर्ज के बोझ से दबे कृष्ण मोहन सिंह मानसिक तनाव में थे। वे बार-बार बीएसए कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। आरोप है कि वेतन बहाली के नाम पर बीएसए कार्यालय में तैनात संजीव सिंह ने तीनों शिक्षकों से 20-20 लाख रुपये की मांग की।
बताया गया कि कृष्ण मोहन सिंह ने कर्ज लेकर करीब 16 लाख रुपये तक दे दिए, लेकिन वेतन जारी नहीं हुआ। 20 फरवरी की रात उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में भी गंभीर आरोप लगाए गए। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया।
डीएम की जांच समिति की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीएम दिव्या मित्तल ने मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। 23 फरवरी को समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
रिपोर्ट में पाया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद लगभग एक वर्ष तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद शासन ने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार भत्ता मिलेगा और उन्हें शिक्षा निदेशक (बेसिक), लखनऊ कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
जब तक देवरिया में नियमित बीएसए की तैनाती नहीं होती, तब तक डायट प्राचार्य को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, इस कार्रवाई के बाद भी शिक्षक संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग जारी रखी है।


