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भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी से धीरेंद्र शास्त्री की मुश्किलें बढ़ीं, आगरा कोर्ट में आपराधिक केस दर्ज
भगवान श्रीकृष्ण को तीन जगह से टेढ़ा बताने वाली कथित टिप्पणी पर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ आगरा कोर्ट में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज। जानें पूरा विवाद।
आगरा: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भगवान श्रीकृष्ण को लेकर कथित विवादित टिप्पणी करना उन्हें कानूनी मुश्किलों में डाल सकता है। इस मामले में आगरा की अदालत में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी से भगवान श्रीकृष्ण के वंशजों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने आगरा सिविल कोर्ट में यह शिकायत दाखिल की है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई सिविल जज कंचन कुमार की अदालत में हुई। अदालत ने शिकायत को दर्ज करते हुए अगली सुनवाई के लिए 14 दिसंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। हालांकि, फिलहाल यह आपराधिक मानहानि की शिकायत है, धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।
क्या बोले थे धीरेंद्र शास्त्री?
पूरा विवाद मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में आयोजित रामकथा के दौरान दिए गए धीरेंद्र शास्त्री के एक बयान से शुरू हुआ। यहां उन्होंने भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण की शारीरिक मुद्राओं की तुलना की थी।
शिकायत के मुताबिक, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि जो लोग श्रीकृष्ण को मानते हैं, उन्हें शायद उनकी बात बुरी लगे, लेकिन कृष्ण बहुत टेढ़े हैं। वह जब खड़े भी होते हैं तो तीन जगहों से मुड़े हुए दिखाई देते हैं।
इसी टिप्पणी को आधार बनाकर अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनका आरोप है कि धार्मिक मंच से की गई इस टिप्पणी ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके वंशजों की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है।
वकील का दावा- भगवान कृष्ण के वंशज हैं आज भी मौजूद
शिकायतकर्ता अजय प्रताप सिंह ने अदालत में दलील दी कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में मानव रूप में हुआ था और उनका वंश आज भी भारत में मौजूद है। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने जादौन, जडेजा और भाटी जैसे समुदायों के ऐतिहासिक संदर्भ पेश किए हैं।
सिंह ने यह भी दावा किया कि वह अपनी ननिहाल की तरफ से भगवान श्रीकृष्ण के वंशज हैं। उनका कहना है कि धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी से न केवल उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के वंशजों की सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है।
अखिलेश यादव की अपील के बाद बढ़ा विवाद
धीरेंद्र शास्त्री को लेकर यह कानूनी घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजकों और प्रायोजकों से विवादित उपदेशकों से दूरी बनाने की अपील की थी।
अखिलेश यादव की इस टिप्पणी पर उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पलटवार किया। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई का हवाला देते हुए कहा कि जिनका अपना आचरण सवालों के घेरे में हो, उन्हें दूसरों को उपदेश नहीं देना चाहिए।
इस तरह धीरेंद्र शास्त्री की श्रीकृष्ण पर कथित टिप्पणी अब धार्मिक विवाद के साथ राजनीतिक बहस का भी हिस्सा बन गई है। फिलहाल सबकी निगाहें 14 दिसंबर को होने वाली आगरा कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।


