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Etah News: बालाजी मंदिर के पास गंदगी और जलभराव, मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर उठे स
Etah News: एटा मेडिकल कॉलेज परिसर के बालाजी मंदिर के पास छह महीने से गंदा पानी और कीचड़ जमा, श्रद्धालुओं ने सफाई और जल निकासी की व्यवस्था की मांग की।
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Etah News: जनपद मुख्यालय स्थित रानी वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित बालाजी मंदिर इन दिनों गंदगी और जलभराव की समस्या से बीते लगभग 6 महीना से जूझ रहा है। मंदिर के ठीक बराबर मेडिकल कॉलेज के गंदे पानी का पाइप लंबे समय से पानी उगल रहा है, जिसके चलते वहां लगातार गंदा पानी जमा होकर कीचड़ और गंदगी का रूप ले चुका है। धार्मिक आस्था से जुड़े इस मंदिर की बदहाल स्थिति को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मोहल्ला डाक बंगलिया निवासी धर्मेंद्र कुमार द्वारा बताया है कि मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित बालाजी मंदिर मेडिकल कॉलेज के निर्माण से पहले से ही मौजूद है जो मोहल्ले वासियों की आस्था का प्रतीक भी है।
यहां आसपास के लोगों के साथ मेडिकल कॉलेज आने वाले लोग भी पूजा-अर्चना करते हैं मंदिर पर एक 80 वर्षीय वृद्ध पुजारी महिला मंदिर की सेवा करती हैं। इसके बावजूद मंदिर के आसपास साफ-सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।मोहल्ला डाक बंगला निवासी विनय कुमार ने बताया कि मंदिर के पीछे चल रहे पानी के पाइप को ठीक कराने के लिए मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, जबकि मेडिकल कॉलेज में सीवर लाइन की व्यवस्था भी है किंतु जानबूझकर कॉलेज प्रशासन द्वारा खुले में पानी चलाया जा रहा है कई बार शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं कराया गया।
उनका कहना है कि पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में अन्य स्थानों की अपेक्षा मंदिर के बराबर ही सबसे अधिक गंदा पानी जमा है। आसपास गंदगी का अंबार लगा रहने से दुर्गंध और बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस परिसर में मरीजों और उनके तीमारदारों के स्वास्थ्य की चिंता की जानी चाहिए, वहां धार्मिक स्थल के आसपास इस तरह गंदगी और जलभराव का बने रहना गंभीर लापरवाही है। लोगों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन प्राचार्य बलवीर सिंह से मांग की है कि मंदिर के बराबर से निकल रहे पानी के पाइप को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, जलभराव खत्म कराया जाए और आसपास विशेष सफाई अभियान चलाकर मंदिर परिसर को स्वच्छ कराया जाए। जिससे मरीजों के साथ आने वाले लोग तथा मोहल्ले वासी मंदिर पर बैठकर कुछ समय विताकर भगवान की आराधना कर सकें।


