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Etah News: चेक बाउंस केस में शिक्षक को जेल, रिटायर्ड अध्यापक को 7 साल बाद मिला इंसाफ
Etah News: एटा में 7 साल पुराने चेक बाउंस मामले में अदालत ने शिक्षक को एक साल की सजा और 4.63 लाख रुपये जुर्माना लगाया।
चेक बाउंस केस में शिक्षक को जेल, रिटायर्ड अध्यापक को 7 साल बाद मिला इंसाफ (Photo- Social Media)
Etah News: एटा उत्तर प्रदेश के एटा जनपद के थाना अलीगंज कस्बे से न्याय मिलने का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ चेक बाउंस और धनराशि विवाद से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सुरेखा की अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी शिक्षक अरुण कुमार को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 4 लाख 63 हजार रुपये का भारी अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी द्वारा अर्थदंड की राशि समय पर जमा नहीं की जाती है, तो उसे एक वर्ष की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।
सात साल पुरानी लंबी कानूनी लड़ाई
यह पूरा मामला लगभग सात साल पुरानी लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अपने मुकाम पर पहुंचा है, जिसके बाद अलीगंज के मोहल्ला बालकिशन निवासी पीड़ित रिटायर्ड अध्यापक दिनेश चंद्र गुप्ता (पुत्र कामता प्रसाद) को आखिरकार न्याय मिला है। मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, दिनेश चंद्र गुप्ता ने नवंबर 2019 में डीएवी इंटर कॉलेज में कार्यरत अध्यापक अरुण कुमार (पुत्र शिवचरण) के खिलाफ न्यायालय में एक वाद दायर किया था। पीड़ित का आरोप था कि अरुण कुमार ने उनसे अपनी व्यक्तिगत जरूरत बताकर 8 लाख रुपये उधार लिए थे।
रकम लेने के बाद आरोपी ने काफी समय तक पूरी रकम वापस नहीं की और बार-बार पैसे मांगने पर केवल टालमटोल करते रहे। दबाव बनाने पर आरोपी ने कुछ रकम तो वापस लौटाई, लेकिन शेष बची हुई बड़ी धनराशि देने से साफ इनकार कर दिया और धोखे से दिए गए चेक भी बैंक में बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ित को मजबूरन कानूनी सहायता का सहारा लेना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने पहले पुलिस को प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया था।
अरुण कुमार दोषी करार
पुलिस जांच के उपरांत आरोपी के खिलाफ अदालत में पुख्ता आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया। सीजेएम सुरेखा की अदालत में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों, गवाहों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का गहनता से परीक्षण किया गया। सभी तथ्यों और सबूतों को सही पाते हुए न्यायालय ने अरुण कुमार को दोषी करार दिया। फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए रिटायर्ड अध्यापक दिनेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि उन्होंने अपने साथी शिक्षक पर भरोसा करके मदद की थी, लेकिन धोखा मिलने पर उन्हें लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। उन्होंने इस फैसले से देश की न्याय व्यवस्था में अपना विश्वास और अधिक मजबूत होने की बात कही है।


