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Etah News: एटा में साइबर जागरूकता अभियान, एसएसपी डॉ. इलामारन ने छात्रों को बताए ठगी से बचाव के उपाय
Etah News: एटा के जयपुरिया पब्लिक स्कूल में साइबर जागरूकता गोष्ठी आयोजित हुई। एसएसपी डॉ. इलामारन ने छात्रों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट और बैंक फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए।
Etah News(Photo-Social Media)
Etah News: एटा में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में बुधवार को जयपुरिया पब्लिक स्कूल में एक साइबर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को ऑनलाइन ठगी और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एसएसपी डॉ. इलामारन मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह और क्षेत्राधिकारी साइबर/सकीट नीतीश गर्ग भी मौजूद रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी शामिल हुए।
एसएसपी डॉ. इलामारन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और हर व्यक्ति को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और फेक ट्रेडिंग एप जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक, कॉल या एप पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में अपनी निजी जानकारी जैसे OTP, बैंक डिटेल, UPI पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। एसएसपी ने विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट” नामक भ्रम को लेकर भी छात्रों को जागरूक किया और बताया कि ऐसी कोई कानूनी प्रक्रिया अस्तित्व में नहीं है। पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि यदि किसी परिचित के नाम या आवाज से ऑनलाइन पैसे मांगे जाएं, तो पहले फोन करके उसकी पुष्टि अवश्य करें। साथ ही विदेश में नौकरी, लोन, बीमा, सब्सिडी या सस्ते ऑफर के नाम पर भेजे जाने वाले लिंक से सावधान रहने की सलाह दी गई। एसएसपी ने छात्रों को यह भी समझाया कि ऑनलाइन भुगतान प्राप्त करने के लिए किसी UPI पिन की आवश्यकता नहीं होती, जबकि भुगतान करने के लिए पिन की जरूरत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी APK फाइल को बिना जांचे डाउनलोड न करें और सोशल मीडिया पर कोई भी जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि जरूर करें।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को “सावधानी ही सुरक्षा है” का संदेश दिया और डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने की अपील की।


