Etah News: दीक्षित परिवार: थल, नभ और जल सेना में देश की रक्षा कर रहे हैं दो बेटे और दामाद

Etah News: पूर्व नौसैनिक राजीव दीक्षित के दोनों बेटे और दामाद देश की तीनों सेनाओं में सेवा दे रहे हैं, जबकि बेटी अमेजन में वरिष्ठ पद पर भारत का गौरव बढ़ा रही है।

Sunil Mishra
Published on: 16 Jun 2026 10:52 PM IST
Dixit Family: Two Sons and Damads Defending Country in Thal, Nav and Jal Sena
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दीक्षित परिवार: थल, नभ और जल सेना में देश की रक्षा कर रहे हैं दो बेटे और दामाद (Photo- Newstrack)

Etah News: किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी सेना और उसके संस्कारवान नागरिक होते हैं। जब एक ही परिवार से कई सदस्य देश की सुरक्षा और प्रतिष्ठा के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान दे रहे हों, तो वह परिवार केवल एक परिवार नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक बन जाता है। उत्तर प्रदेश के एटा जनपद के जैथरा क्षेत्र स्थित शांति नगर (दहेलिया) का दीक्षित परिवार आज ऐसे ही प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

यह कहानी है भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त राजीव दीक्षित और उनके परिवार की, जिसने अपने कर्म, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम से यह सिद्ध कर दिया है कि सच्चे संस्कार पीढ़ियों तक अपना प्रभाव छोड़ते हैं।

पिता ने बोए राष्ट्रसेवा के संस्कार

राजीव दीक्षित ने भारतीय नौसेना में 23 वर्षों तक सेवा देकर देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। नौसेना की कठिन और अनुशासित जीवनशैली के बीच उन्होंने अपने परिवार को भी राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के मूल्यों से सिंचित किया।

सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने अपने बच्चों को केवल उच्च शिक्षा ही नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी दिया। यही कारण है कि आज उनके परिवार के सदस्य देश की तीनों सेनाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

छोटे पुत्र ने संभाली नौसेना की जिम्मेदारी

दीक्षित परिवार के छोटे पुत्र ने पहले राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) भोपाल से उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने भारतीय नौसेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य निर्धारित किया और कठिन चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार करते हुए इंडियन नेवल एकेडमी, केरल में प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद वे भारतीय नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुए। आज वे देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

बड़े पुत्र ने पहनी सेना की वर्दी

परिवार के बड़े पुत्र ने भी राष्ट्रसेवा का मार्ग चुना। उन्होंने प्रतिष्ठित इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए), देहरादून से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के बाद 13 जून 2026 को वे भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुए।


पासिंग आउट परेड के दौरान जब उन्होंने सेना की वर्दी पहनकर राष्ट्र की सेवा की शपथ ली, तो वह क्षण न केवल परिवार बल्कि पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय बन गया।

दामाद वायुसेना में निभा रहे अहम जिम्मेदारी

दीक्षित परिवार की राष्ट्रसेवा केवल दो बेटों तक सीमित नहीं है। परिवार के दामाद भी भारतीय वायुसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर कार्यरत हैं।

वायु सेना अकादमी, हैदराबाद से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे वर्तमान में भारतीय वायुसेना के महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा हैं और देश के हवाई सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं।

इस प्रकार एक ही परिवार के सदस्य थल, जल और नभ तीनों सेनाओं में देश की सुरक्षा का दायित्व संभाल रहे हैं, जो अपने आप में अत्यंत दुर्लभ और गौरवपूर्ण उपलब्धि है।

बेटी भी कॉर्पोरेट जगत में बढ़ा रही देश का गौरव

दीक्षित परिवार की उपलब्धियां केवल सेना तक सीमित नहीं हैं। परिवार की बेटी देश की अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनी अमेजन में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।

उन्होंने अपनी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता और मेहनत के बल पर कॉर्पोरेट क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है। जहां उनके भाई देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, वहीं वे वैश्विक मंच पर भारतीय प्रतिभा का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

क्षेत्र के लिए प्रेरणा बना परिवार

दीक्षित परिवार की इस उपलब्धि ने पूरे एटा जनपद को गौरवान्वित किया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह परिवार नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे समय में जब युवा विभिन्न क्षेत्रों में अपने भविष्य की तलाश कर रहे हैं, दीक्षित परिवार यह संदेश देता है कि अनुशासन, मेहनत और राष्ट्र के प्रति समर्पण से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि राजीव दीक्षित ने अपने जीवन के अनुभवों और संस्कारों से ऐसी पीढ़ी तैयार की है जो केवल अपने परिवार का नहीं, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन कर रही है।

राष्ट्रभक्ति का जीवंत उदाहरण

एक पिता जिसने नौसेना में सेवा दी, एक बेटा जो थल सेना में अधिकारी बना, दूसरा बेटा जो नौसेना में अधिकारी है, दामाद जो वायुसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट है और बेटी जो वैश्विक कॉर्पोरेट जगत में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है। यह उपलब्धि केवल एक परिवार की सफलता नहीं, बल्कि भारतीय संस्कारों, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की जीत है।

आज दीक्षित परिवार यह साबित कर रहा है कि जब घर-घर में राष्ट्रसेवा के संस्कार पनपते हैं, तब देश और अधिक मजबूत, सुरक्षित और गौरवशाली बनता है।

पूरा एटा जनपद इस गौरवशाली परिवार को नमन करता है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।

जय हिन्द! जय भारत!यह संस्करण भावनात्मक होने के साथ-साथ अखबारी फीचर शैली में लिखा गया है, जिससे पाठकों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा और परिवार की उपलब्धि का गौरवपूर्ण चित्रण भी होगा।

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