Etah News: ई-रजिस्ट्री के विरोध में चौथे दिन भी ठप रहा बैनामा कार्य, अधिवक्ताओं का धरना जारी

Etah News: ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में चौथे दिन भी बैनामा कार्य पूरी तरह ठप रहा। अधिवक्ताओं का धरना लगातार जारी है और उन्होंने अपनी मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है, जिससे आम लोगों के संपत्ति पंजीकरण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

Sunil Mishra
Published on: 18 Jun 2026 6:21 PM IST
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Etah News(Photo-Social Media)

Etah News: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था एवं ग्राम निबंधन मित्र प्रणाली के विरोध में जलेसर तहसील के अधिवक्ताओं का आंदोलन गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं की हड़ताल, धरना-प्रदर्शन और रजिस्ट्री कार्यालय की तालाबंदी के चलते तहसील में एक भी बैनामा नहीं हो सका, जिससे आमजन, किसानों और वादकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

तहसील बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ता सोमवार से लगातार आंदोलनरत हैं। अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय तथा न्यायालयों में तालाबंदी कर धरना जारी रखा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार की ई-रजिस्ट्री व्यवस्था अधिवक्ताओं के अधिकारों और हितों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज इस व्यवस्था को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक सरकार इस निर्णय को वापस नहीं लेती, तब तक धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी जारी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि पूरे प्रदेश का अधिवक्ता समाज इस मुद्दे पर एकजुट है और सरकार के निर्णय का विरोध कर रहा है। उधर, लगातार चौथे दिन रजिस्ट्री कार्य बंद रहने से जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों के काम प्रभावित हुए हैं। बैनामा कराने आए लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। वहीं राजस्व विभाग को भी बैनामों से प्राप्त होने वाले राजस्व में नुकसान उठाना पड़ रहा है।

धरना स्थल पर बार एसोसिएशन के सचिव द्विजेंद्र सिंह यादव सहित दयाराम यादव, सुनील यादव, राजेश शर्मा, रामदेव यादव, रामप्रकाश सिंह, विजय कुमार सिंह, पुरुषोत्तम यादव, प्रमोद राठी, रमेश पाल सिंह, जयशंकर गौड़, सुरेन्द्र देव पाठक, सुनील दीक्षित, राजेश कुलश्रेष्ठ, रामनिवास यादव, सोबरन सिंह राजपूत, सुदीप पाठक, कमलेश सारस्वत, जेपी सिंह, गौरव जादौन, राजीव सिंघल, राहुल यादव समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

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