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Etah News: एटा में जानलेवा हमले के 3 पुराने मामलों में फैसला, 12 आरोपियों को 10-10 साल की सजा
Etah News: एटा की अदालत ने जानलेवा हमले के तीन पुराने मामलों में 12 अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और अलग-अलग अर्थदंड की सजा सुनाई।
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Etah News: उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप एटा की अदालत ने शनिवार को जानलेवा हमले के तीन अलग-अलग मामलों में एक साथ फैसला सुनाते हुए 12 अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और अलग-अलग अर्थदंड से दंडित किया।अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) प्रथम मनीषा सिंह की अदालत ने थाना जैथरा के वर्ष 2011 तथा थाना बागवाला के वर्ष 2012 के दो अलग-अलग मुकदमों में यह फैसला सुनाया। तीनों मामलों में अभियुक्तों पर वादी और उसके परिजनों पर जानलेवा हमला करने के आरोप थे।
पुलिस के अनुसार, थाना जैथरा में 16 जुलाई 2011 को मुकदमा अपराध संख्या 164/2011 के तहत धारा 307 और 504 भादवि में मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने नगला रामराय निवासी रामनरेश, उपदेश, रामगुणेश और बाबा उर्फ दुर्गेश के विरुद्ध छह सितंबर 2011 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालत ने चारों अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
दूसरे मामले में थाना बागवाला में 20 जुलाई 2012 को मुकदमा अपराध संख्या 97/2012 के तहत धारा 307, 34 और 504 भादवि में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद अल्लेपुर कला निवासी मुन्ना, हंसराज, पुन्नी, बॉबी और मुस्का के विरुद्ध 18 अक्टूबर 2012 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालत ने पांचों अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 11-11 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
तीसरे मामले में थाना बागवाला में 31 जुलाई 2012 को मुकदमा अपराध संख्या 97ए/2012 के तहत धारा 307, 34, 504 और 506 भादवि में अभियोग दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने अल्लेपुर कला निवासी अमर सिंह, सत्येंद्र सिंह और कायम सिंह के विरुद्ध 18 अक्टूबर 2012 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 13-13 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।पुलिस के मुताबिक, इन तीनों मामलों को ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी के लिए चिन्हित किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा इलामारन जी. के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल ने अभियोगों की लगातार निगरानी की और न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। अभियोजन शाखा ने भी साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप तीनों मामलों में दोषसिद्धि हुई।एक ही दिन जानलेवा हमले के तीन अलग-अलग मुकदमों में 12 अभियुक्तों को कठोर कारावास की सजा सुनाए जाने को पुलिस ने प्रभावी अभियोजन पैरवी का महत्वपूर्ण परिणाम बताया है।


