Etah News: एटा में डकैती के दौरान दोहरे हत्याकांड में बड़ा फैसला, तीन दोषियों को आजीवन कारावास

Etah News: एटा के सकीट थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में डकैती के दौरान दो लोगों की हत्या के मामले में एफटीसी-02 कोर्ट ने तीन दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

Sunil Mishra
Published on: 22 Aug 2026 5:35 PM IST
Etah News: एटा में डकैती के दौरान दोहरे हत्याकांड में बड़ा फैसला, तीन दोषियों को आजीवन कारावास
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Etah News: सकीट थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में डकैती के दौरान दो लोगों की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में शनिवार को न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया। एफटीसी-02 कोर्ट, एटा ने मामले में दोषी पाए गए तीन अभियुक्तों मुरलीधर, कैलाश और गोविंद को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने तीनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

पुलिस के अनुसार 27 अक्टूबर 2017 को वादी ने थाना सकीट में तहरीर देकर बताया था कि कुछ लोगों ने उसके घर में डकैती की वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर बदमाशों ने दो लोगों को गोली मार दी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। मामले में थाना सकीट पर मुकदमा अपराध संख्या 226/2017 के तहत धारा 396, 412, 120बी भादवि तथा संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था।विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना का अनावरण करते हुए मुरलीधर पुत्र सरमन सिंह और कैलाश पुत्र मुरलीधर, निवासी नूरपुर, थाना सकीट, एटा तथा गोविंद पुत्र रामवीर सिंह, निवासी कॉलोनी, थाना सिढ़पुरा, कासगंज को अभियुक्त बनाया। पुलिस ने साक्ष्यों का संकलन करते हुए विवेचना पूरी की और एक फरवरी 2018 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।

मामले में दोषियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए पुलिस विभाग की मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। प्रभावी पैरवी और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर एफटीसी-02 कोर्ट, एटा ने 22 अगस्त 2026 को तीनों अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। फैसले के बाद पुलिस ने इसे गंभीर अपराधों में प्रभावी अभियोजन और न्यायालय में मजबूत पैरवी का परिणाम बताया।

महिला से मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के मामले में दो दोषियों पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना

Etah News: नयागांव थाना क्षेत्र में करीब दस वर्ष पुराने महिला से मारपीट, लज्जा भंग करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में शनिवार को एससी-एसटी कोर्ट एटा ने फैसला सुनाया। न्यायालय ने दोषी पाए गए दो अभियुक्तों नीलेश और चौब सिंह को 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। मामला वर्ष 2016 का है और इसमें पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय का फैसला आया है।

पुलिस के अनुसार 30 मार्च 2016 को वादी ने थाना नयागांव में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि नीलेश पुत्र जयवीर सिंह और चौब सिंह पुत्र जयवीर सिंह, निवासी नाबर, थाना नयागांव, ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट की। आरोप था कि दोनों ने महिला के साथ अभद्रता करते हुए उसकी लज्जा भंग की तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज भी की।मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने थाना नयागांव में मुकदमा अपराध संख्या 54/2016 दर्ज किया। इसमें धारा 354, 324, 504, 506 भारतीय दंड संहिता तथा धारा 3(1)10 एससी-एसटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

पुलिस ने विवेचना के दौरान घटनास्थल और अन्य साक्ष्यों को जुटाते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया। विवेचना पूरी करने के बाद तीन मई 2016 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया गया।पुलिस के मुताबिक शासन के निर्देश और पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत मामले को पैरवी के लिए चिन्हित किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा इलामारन जी के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की।इसके परिणामस्वरूप शनिवार को एससी-एसटी कोर्ट एटा ने अभियुक्त नीलेश और चौब सिंह को 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस ने न्यायालय के फैसले को प्रभावी अभियोजन और पैरवी का परिणाम बताया।

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वरिष्ठ संवाददाता, एटाetahsunilmishra@newstracksite.vocalwire.com
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