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Etah News: कांवड़ मार्ग पर शासन के आदेशों के पालन पर उठे सवाल, खुले दिखाई दिए शराब के ठेके
Etah News: एटा में कांवड़ मार्ग पर शासन के निर्देशों के बावजूद शराब के ठेके खुले होने के आरोप सामने आए हैं। वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों के दावों के बीच प्रशासन का कहना है कि निर्देशों का पालन कराया जा रहा है।
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Etah News: श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को लेकर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं के सम्मान तथा सुरक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार कांवड़ मार्ग पर स्थित मीट, मछली, अंडा तथा अन्य मांसाहारी खाद्य पदार्थों की खुली बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही शराब की दुकानों को बाहर से त्रिपाल अथवा पर्दे से पूरी तरह ढकने के आदेश दिए गए हैं, ताकि कांवड़ यात्रियों की धार्मिक आस्था प्रभावित न हो।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय लोगों के अनुसार एटा के प्रमुख कांवड़ मार्गों पर इन आदेशों का पालन प्रभावी रूप से होता दिखाई नहीं दे रहा है। कई स्थानों पर शराब के ठेके खुले नजर आ रहे हैं और त्रिपाल केवल औपचारिकता के रूप में लगाया गया है कुछ पर बिल्कुल नहीं । इससे शासन के निर्देशों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं।फोटो में दिखाई गई जानकारी के अनुसार भी प्रशासन ने कांवड़ मार्गों पर मांस और मदिरा की बिक्री को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसमें स्पष्ट उल्लेख है कि कांवड़ मार्ग और शिविरों के आसपास मीट, मछली एवं अंडे की दुकानें बंद रहेंगी तथा शराब के ठेकों को बाहर से पर्दे या त्रिपाल से पूरी तरह ढका जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के भी निर्देश हैं।
इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार शराब की दुकानों को त्रिपाल से ढकने के आदेश दिए गए हैं और प्रमुख कांवड़ मार्गों पर यह दुकान ढकने की व्यवस्था कराई गई है।हालांकि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे दृश्य इस दावे पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं और यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आदेशों का पालन कितना प्रभावी ढंग से कराया जा रहा है।श्रद्धालु और हिन्दू वादी नेता अभिनव मिश्रा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने के लिए शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए। यदि कहीं भी आदेशों का उल्लंघन हो रहा है तो संबंधित दुकानदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।


