Etah News: ई-रजिस्ट्री विरोध में बंद रहा कार्यालय, अधिवक्ताओं ने जनप्रतिनिधियों पर उठाए सवाल

Etah News: एटा की जलेसर तहसील में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। रजिस्ट्री कार्यालय बंद रहा और अधिवक्ताओं ने जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया।

Sunil Mishra
Published on: 17 Jun 2026 6:07 PM IST
Etah News: ई-रजिस्ट्री विरोध में बंद रहा कार्यालय, अधिवक्ताओं ने जनप्रतिनिधियों पर उठाए सवाल
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Etah News: उत्तर प्रदेश के एटा जनपद की तहसील जलेसर में प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में तहसील बार एसोसिएशन जलेसर का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय पर ताला जड़ रखा है, जिसके चलते बुधवार को भी कोई बैनामा नहीं हो सका। तहसील परिसर में बार एसोसिएशन के बैनर तले धरना-प्रदर्शन जारी रहा और अधिवक्ताओं ने सरकार से आदेश वापस लेने की मांग दोहराई।

धरने के दौरान अधिवक्ताओं ने महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार संदीप सिंह को सौंपा। तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव सुभाष बाबू राजपूत ने कहा कि ई-रजिस्ट्री संबंधी आदेश अधिवक्ताओं के हितों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इस आदेश को वापस नहीं लेती, तब तक धरना-प्रदर्शन और रजिस्ट्री कार्यालय की तालाबंदी जारी रहेगी।आंदोलन के तीसरे दिन भी किसी क्षेत्रीय विधायक, सांसद या अन्य जनप्रतिनिधि के धरना स्थल पर नहीं पहुंचने पर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि अधिवक्ताओं और आम जनता की समस्याओं की लगातार उपेक्षा कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति रही तो आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इसका जवाब दिया जाएगा।

धरने के दौरान जलेसर में वर्षों से लंबित मुंसिफ कोर्ट के संचालन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर रामप्रकाश सिंह ने कहा कि करीब 17 वर्ष पहले स्वीकृत मुंसिफ कोर्ट आज भी एटा में संचालित हो रहा है, जिससे तहसील क्षेत्र के हजारों वादकारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लगभग 15 हजार से अधिक मुकदमे लंबित हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की।धरना-प्रदर्शन में शंकर पाल सिंह, जे.पी. सिंह, प्रमोद राठी, सुदीप पाठक, कमलेश सारस्वत, जीवेंद्र प्रताप सिंह, सुरेंद्र देव पाठक, गौरव जादौन सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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