Etah News: यूपी बोर्ड का बड़ा फैसला, 18 स्कूलों समेत प्रदेश के 465 विद्यालयों की मान्यता समाप्त

Etah News: यूपी बोर्ड ने निष्क्रिय और कागजों पर संचालित हो रहे 465 वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता समाप्त कर दी है। कार्रवाई में एटा के 18 और कासगंज के 3 विद्यालय शामिल हैं।

Sunil Mishra
Published on: 19 Jun 2026 8:20 PM IST
Etah News: यूपी बोर्ड का बड़ा फैसला, 18 स्कूलों समेत प्रदेश के 465 विद्यालयों की मान्यता समाप्त
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Etah News: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने निष्क्रिय और केवल कागजों पर संचालित हो रहे विद्यालयों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 70 जिलों के 465 वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता समाप्त कर दी है। इस कार्रवाई में एटा जिले के 18 और कासगंज जिले के तीन विद्यालय भी शामिल हैं। बोर्ड के इस फैसले से शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है।

यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन विद्यालयों में लगातार दो वर्षों तक कक्षाओं का संचालन नहीं हुआ अथवा वर्ष 2025 और 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में एक भी परीक्षार्थी शामिल नहीं हुआ, उनकी मान्यता उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के तहत स्वतः समाप्त मानी गई है। सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को ऐसे विद्यालयों की सूची सार्वजनिक करने और व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थी और अभिभावक अमान्य विद्यालयों में प्रवेश लेने से बच सकें।

एटा जिले में जिन 18 विद्यालयों की मान्यता समाप्त की गई है, उनमें एएम इंटर कॉलेज निधौली कलां, सूरज पाल हाई स्कूल कांग्रौल, गजराज सिंह इंटर कॉलेज इशारा सकीट , एसआरएस हाई स्कूल अलाईपुर खुर्द, डॉ. बीआरए एचएसएस खडौआ, एसडीआरआर इंटर कॉलेज राजा का रामपुर, अभय नंदन हाई स्कूल रारपट्टी तथा एसबीएल आदर्श पब्लिक स्कूल महगनी सहित अन्य विद्यालय शामिल हैं। वहीं कासगंज जिले के डॉ. धनीराम एनएचएसएस सहावर, एसपीएस कन्या इंटर कॉलेज दतलाना और श्री यादराम सिंह वेदवती इंटर कॉलेज नगला जगमोहन की मान्यता भी समाप्त कर दी गई है।

इस कार्रवाई को प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और फर्जी एवं निष्क्रिय विद्यालयों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।जिला विद्यालय निरीक्षक इंद्रजीत प्रजापति ने बताया जिन विद्यालयों में पिछले 2 वर्षों से हाई स्कूल इंटर के रजिस्ट्रेशन नहीं किए जा रहे हैं उनकी मान्यता समाप्त कर दी गई है। शिक्षा विभाग का कहना है कि ऐसे विद्यालयों पर आगे भी लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य से किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो सके।

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