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Etah News: बेखौफ हथियारों का हो रहा प्रदर्शन, अवैध हथियारों की सप्लाई का बढ़ रहा नेटवर्क
Etah News: एटा में वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच में जुटी है। मामला केवल कार्रवाई का नहीं, बल्कि अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाने की चुनौती का भी है।
बेखौफ हथियारों का हो रहा प्रदर्शन, अवैध हथियारों की सप्लाई का बढ़ रहा नेटवर्क (Photo- Newstrack)
Etah News: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने कानून-व्यवस्था और अवैध हथियारों के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में कोतवाली देहात क्षेत्र के असरौली गांव निवासी अंकित यादव कथित रूप से अपने साथियों के साथ अवैध हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन करता दिखाई दे रहा है। कहीं शराब पार्टी के बीच तमंचे और कारतूस लहराए जा रहे हैं, कहीं दोनों हाथों में तमंचे लेकर वीडियो बनाया जा रहा है, तो कहीं नेशनल हाईवे किनारे हर्ष फायरिंग की जा रही है। एक अन्य वीडियो में आरोपी हूटर लगी लग्जरी कार में साथियों के साथ रौब झाड़ता नजर आ रहा है।
हथियारों के प्रदर्शन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई है। कोतवाली देहात पुलिस के चौकी प्रभारी लिप्टन प्रभारी अभिषेक वत्सल के अनुसार अंकित यादव एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि वह पहले भी हथियारों के प्रदर्शन के मामले में जेल जा चुका है और अब वायरल वीडियो की जांच कर उसके तथा साथियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि इस पूरे मामले ने कुछ बड़े सवाल भी खड़े कर दिए हैं। यदि आरोपी पहले भी इसी तरह के मामलों में जेल जा चुका था, तो जमानत पर बाहर आने के बाद उसके पास फिर अवैध हथियार कैसे पहुंच गए? आखिर ये तमंचे बन कहां रहे हैं और इनकी सप्लाई कौन कर रहा है? यदि लगातार ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं तो क्या अवैध शस्त्र निर्माण और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सका है?
अवैध हथियारों के निर्माण, तस्करी के मामले
एटा ही नहीं, आसपास के जिलों में भी समय-समय पर नाबालिगों और युवकों द्वारा अवैध हथियारों के प्रदर्शन के वीडियो वायरल होते रहते हैं। ऐसे में केवल वीडियो वायरल होने के बाद गिरफ्तारी करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। जरूरत उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की है, जहां अवैध हथियार तैयार होते हैं और अपराधियों तक पहुंचाए जाते हैं।
योगी सरकार अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ सख्त नीति अपनाने की बात करती रही है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार करने की नहीं, बल्कि अवैध हथियारों के निर्माण, तस्करी और सप्लाई की जड़ों तक पहुंचकर उसे पूरी तरह खत्म करने की भी है। यदि हथियारों की उपलब्धता पर प्रभावी रोक लगेगी, तभी अपराध पर स्थायी अंकुश लगाया जा सकेगा और कानून का वास्तविक भय स्थापित होगा।


