Etah News: नौ माह बाद भी नहीं लागू हुआ छोटी शनि जात प्रबंधन आदेश

Etah News: जलेसर की छोटी शनि जात का संचालन नगर पालिका को सौंपने का शासनादेश नौ माह बाद भी लागू नहीं हुआ। आषाढ़ में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।

Sunil Mishra
Published on: 5 July 2026 9:50 PM IST
Small Saturn Variety Management Order not implemented after nine months
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नौ माह बाद भी नहीं लागू हुआ छोटी शनि जात प्रबंधन आदेश (Photo- Newstrack)

Etah News: एटा उत्तर प्रदेश के एटा जनपद की तहसील जलेसर क्षेत्र में आस्था के प्रमुख केंद्र जलेसर की छोटी शनि जात का संचालन और प्रबंधन नगर पालिका परिषद को सौंपने का शासन का आदेश नौ माह बाद भी अमल में नहीं आ सका है। ऐसे में आषाढ़ मास में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के बीच एक बार फिर चढ़ावे के प्रबंधन और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

धार्मिक स्थल का संचालन नगर पालिका परिषद को सौंपने की मांग

शासन ने पिछले वर्ष 16 सितंबर 2025 को जिलाधिकारी एटा को भेजे पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि नगर पालिका परिषद जलेसर पहले से ही छोटी शनि जात पर साफ-सफाई, पेयजल, मोबाइल शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराती है। ऐसे में श्रद्धालुओं की बेहतर सुविधा और नगर पालिका के राजस्व में वृद्धि को देखते हुए धार्मिक स्थल का संचालन एवं प्रबंधन भी नगर पालिका परिषद को सौंपा जाए। इसके बावजूद अब तक आदेश धरातल पर लागू नहीं हो सका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी शनि जात पर प्रत्येक बुधवार और शनिवार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जबकि आषाढ़ मास में यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती है। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले करोड़ों रुपये के चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर समय-समय पर शिकायतें भी सामने आती रही हैं। शासन के आदेश के बावजूद व्यवस्था में बदलाव न होने से एक बार फिर पारदर्शिता और प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

उपजिलाधिकारी जलेसर पीयूष रावत ने बताया कि शासन के निर्देशों के क्रम में स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर लगभग 15 से 20 दिन पहले अपर जिलाधिकारी प्रशासन को भेज दी गई है। वहीं, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगम लाल ने कहा कि यदि प्रकरण लंबित है तो उसे तत्काल दिखवाकर शासन की मंशा के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।

आषाढ़ मास में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर शासन का आदेश कब धरातल पर उतरता है।

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वरिष्ठ संवाददाता, एटाetahsunilmishra@newstracksite.vocalwire.com
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