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Etawah News: छात्र के सिर पर बजाया तबला, वीडियो वायरल होने पर प्रधानाध्यापक निलंबित
Etawah News: प्राथमिक विद्यालय बिरौली का मामला; बीएसए ने कार्रवाई करते हुए सैफई बीईओ कार्यालय से किया संबद्ध, 15 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट।
Etawah School Viral Video
Etawah News: इटावा के सैफई विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय बिरौली में एक प्रधानाध्यापक द्वारा छात्र के सिर को तबला बनाकर बजाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिनेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश 8 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के माध्यम से शिक्षा विभाग के संज्ञान में आया कि प्रधानाध्यापक दिनेश कुमार विद्यालय की कक्षा में मौजूद एक छात्र के सिर पर हाथ से तबला बजाते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह छात्र के सिर को तबले की तरह इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद विद्यार्थी इस घटना को देख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद प्रधानाध्यापक के इस व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आदेश में कहा कि प्रधानाध्यापक का यह आचरण मानवीय गरिमा के विरुद्ध और अशोभनीय है। वायरल वीडियो के आधार पर प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए दिनेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें सैफई स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है।आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
हालांकि, इसके लिए निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा और संबंधित कर्मचारी को यह प्रमाण पत्र देना होगा कि वह किसी अन्य सेवा, व्यापार या रोजगार में संलिप्त नहीं हैं।मामले की विस्तृत जांच के लिए बेसरेहर के खंड शिक्षा अधिकारी उदय सिंह राज को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी को 15 दिन के भीतर आरोप पत्र जारी करते हुए अपनी जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग अब वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद विद्यालयों में शिक्षकों के आचरण और विद्यार्थियों के साथ व्यवहार को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।


