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Fatehpur News: 500 से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Fatehpur News: फतेहपुर में गंगा-यमुना घाटों पर 500 से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। 300 पुलिसकर्मियों की तैनाती के बीच अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
500 से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम (Photo- Newstrack)
Fatehpur News: फतेहपुर जिले में नवरात्र पर्व के समापन के बाद मां भगवती की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। नौ दिनों तक मां जगदम्बा की पूजा-अर्चना करने के बाद मंगलवार को श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव और उल्लास के साथ माता रानी को विदाई दी। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक 500 से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं का गंगा और यमुना नदी के विभिन्न घाटों पर जल विसर्जन कराया गया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की कड़ी निगरानी में विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
गंगा और यमुना घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
प्रतिमा विसर्जन के लिए खागा तहसील क्षेत्र के किशुनपुर यमुना नदी घाट और नौबस्ता घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। वहीं, बिंदकी तहसील के शिवराजपुर और आदमपुर घाट के साथ सदर तहसील के भिटौरा और असनी गंगा घाटों पर भी लोगों की भीड़ उमड़ी। विसर्जन स्थलों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। केवल दुर्गा प्रतिमाएं लेकर जाने वाले वाहनों को ही घाटों तक जाने की अनुमति दी गई, जबकि अन्य वाहनों को मुख्य मार्गों और बैरियर पर रोक दिया गया।
300 पुलिसकर्मियों की तैनाती, अधिकारियों ने किया निरीक्षण
विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए गंगा और यमुना नदी के घाटों पर करीब 300 पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने खुद गंगा घाटों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि विसर्जन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
जिले में सजाए गए थे 2200 दुर्गा पंडाल
इस वर्ष पूरे जिले में करीब 2200 दुर्गा पंडालों में मां भगवती की प्रतिमाएं स्थापित कर आकर्षक सजावट की गई थी। मंगलवार को जल विसर्जन के बाद बुधवार को बची हुई प्रतिमाओं का शासन-प्रशासन के निर्देशों के अनुसार निर्धारित स्थलों पर पर्यावरण अनुकूल भू-विसर्जन कराया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाए और अबीर-गुलाल के साथ मां भगवती को भावभीनी विदाई दी।


