Fatehpur News: आंगनबाड़ी कार्यकत्री से मंत्री: संघर्ष, मेहनत और जनसेवा से बनी कृष्णा पासवान की पहचान

Fatehpur News: फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान योगी सरकार में राज्यमंत्री बनेंगी। संघर्ष, संगठन और जनसेवा ने उन्हें नई पहचान दिलाई।

Ramchandra Saini
Published on: 10 May 2026 7:46 PM IST
Anganwadi worker to minister: Krishna Paswan identified through struggle, hard work and public service
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आंगनबाड़ी कार्यकत्री से मंत्री: संघर्ष, मेहनत और जनसेवा से बनी कृष्णा पासवान की पहचान (Photo- Newstrack)

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार में फतेहपुर जिले की खागा विधानसभा सीट से विधायक कृष्णा पासवान को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने जा रही है। रविवार दोपहर साढ़े तीन बजे वह मंत्री पद की शपथ लेंगी। उनके मंत्री बनाए जाने से जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर है।

साधारण परिवार से शुरू हुआ संघर्ष का सफर

कृष्णा पासवान का राजनीतिक सफर संघर्ष, मेहनत और जनसेवा की मिसाल माना जाता है। एक साधारण परिवार में जन्मीं कृष्णा पासवान का बचपन आर्थिक कठिनाइयों और संघर्षों में बीता। उनका जन्म 1 अगस्त 1963 को हुआ। पति का नाम श्रीपाल पासवान है। शुरुआती दौर में उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्री के रूप में काम किया। इसी दौरान समाजसेवा और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए राजनीति में सक्रिय होने का निर्णय लिया।


उन्होंने वर्ष 1995 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। भाजपा से जुड़ने के बाद उन्होंने संगठन स्तर पर लगातार मेहनत की और महिलाओं तथा दलित वर्ग के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। वर्ष 1995 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वार्ड खेसहन से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं। इसके बाद वर्ष 2000 में वार्ड गाजीपुर से दूसरी बार जिला पंचायत सदस्य बनीं। उसी वर्ष भाजपा ने उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया, हालांकि वह मामूली अंतर से चुनाव हार गईं।

राजनीतिक सक्रियता और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए पार्टी ने उन्हें लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपीं। वर्ष 1996 में वह महिला मोर्चा की जिला मंत्री बनाई गईं। 1998 में हंसवा मंडल अध्यक्ष और 2004 में भाजपा अनुसूचित मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री मनोनीत हुईं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों का दौरा कर पार्टी के जनाधार को मजबूत करने का काम किया।

पहली बार विधायक बनकर रचा इतिहास

वर्ष 2002 में भाजपा ने उन्हें किशनपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया। उन्होंने चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचने का इतिहास रचा और जनसंघ तथा भाजपा के लिए इस सीट पर पहली जीत दर्ज कराई। इसके बाद वह विधानसभा की अनुसूचित जाति एवं जनजाति समिति की सदस्य भी बनीं। वर्ष 2007 में वह करीब ढाई हजार वोटों से चुनाव हार गईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और संगठन में लगातार सक्रिय रहीं। इसी वर्ष उन्हें भाजपा का जिलाध्यक्ष बनाया गया।


परिसीमन के बाद खागा विधानसभा सीट सुरक्षित हुई तो भाजपा ने वर्ष 2012 में उन्हें खागा सीट से प्रत्याशी बनाया। उन्होंने करीब 20 हजार वोटों से जीत दर्ज की। इसके बाद 2017 में उन्होंने बसपा प्रत्याशी को 56 हजार से अधिक मतों से हराया। वहीं 2022 विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने लगातार चौथी बार जीत हासिल की।

कृष्णा पासवान ने विधानसभा के साथ संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्हें भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय संयोजक और भाजपा विधानमंडल दल की सचेतक जैसी अहम जिम्मेदारियां मिलीं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी छवि एक मजबूत और संघर्षशील नेता की रही है।

क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर भी वह लगातार सक्रिय रहीं। यमुना कटरी क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और सिंचाई जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने आंदोलन से लेकर धरना-प्रदर्शन तक किए। सपा और बसपा सरकारों के दौरान जनसमस्याओं को लेकर कई बार आंदोलन करने पर उनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज हुए।

खागा सीट से लगातार दर्ज की जीत

हाल ही में चर्चित खागा प्रकरण को लेकर भी उन्होंने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने साफ कहा था कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके इस रुख की क्षेत्र में काफी चर्चा रही।

Shashi kant gautam

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