सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की बेटी पर अभद्र टिप्पणी को लेकर थाने में शिकायत, सख्त कार्रवाई की मांग

सपा प्रमुख की बेटी के खिलाफ बेहद ओछी, फर्जी और मनगढ़ंत टिप्पणियां पोस्ट करने को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने कोतवाली खलीलाबाद में एक लिखित शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई

Amit Pandey
Published on: 10 Jun 2026 8:43 PM IST (Updated on: 10 Jun 2026 9:01 PM IST)
FIR in objectionable comments on Samajwadi Party chief Akhilesh yadav daughter
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Akhilesh Yadav Daughter News : संत कबीर नगर में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर की गई कथित अभद्र और घिनौनी टिप्पणी को लेकर सपा कार्यकर्ताओं और आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस संवेदनशील मामले को लेकर युवजन सभा के जिला अध्यक्ष राहुल यादव बादल के नेतृत्व में संत कबीर नगर के कोतवाली खलीलाबाद में एक लिखित शिकायती पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। प्रभारी निरीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रशांत राठी और रूमा सिंह नाम के फेसबुक अकाउंट्स समेत कई अन्य सोशल मीडिया आईडी से सपा प्रमुख की बेटी के खिलाफ बेहद ओछी, फर्जी और मनगढ़ंत टिप्पणियां पोस्ट की गई हैं।शिकायतकर्ताओं का साफ कहना है कि देश के एक इतने प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार की बेटी के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला यह कृत्य पूरी तरह से अक्षम्य है, जिससे न केवल समाजवादी पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं बल्कि आम जनता में भी इसे लेकर गहरा रोष है। शिकायत के साथ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट और जरूरी साक्ष्य भी पुलिस को सौंप दिए गए हैं। पत्र के माध्यम से पुलिस प्रशासन से पुरजोर अनुरोध किया गया है कि उक्त दोनों फेसबुक आईडी के संचालकों और इस फर्जी व तथ्यहीन व्यक्तिगत लांछन को बढ़ावा देने वाले सभी दोषियों की गहन जांच की जाए और उनके खिलाफ न्यायसंगत व कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।

कानूनन जुर्म है महिला या लड़की पर आपत्तिजनक टिप्पणी

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 75, 78 के तहत किसी भी महिला या लड़की पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना कानूनन जुर्म है। किसी भी महिला की मर्यादा भंग करना या इज्जत तार- तार करना एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता जिसके तहत BNS में अधिकतम तीन साल की जेल का प्रावधान है।

BNS और IT Act में तीन से पांच साल तक की सजा

इसके अलावा आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत सोशल मीडिया पर महिलाओं अभद्र कमेंट करने पर कानूनन जुर्म मन गया है। आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में अपराध की गंभीरता के हिसाब से 3 से 5 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।

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