Firozabad News: श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर भाजपा सम्मेलन में दिखी गुटबाजी

Firozabad News: शिकोहाबाद में आयोजित जिला कार्यकर्ता सम्मेलन में एक वर्ग की सक्रिय भागीदारी रही, जबकि कई स्थानीय नेता कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, जिससे चर्चाएं तेज हुईं।

Brajesh Rathore
Published on: 27 Jun 2026 10:17 PM IST
Faction seen at BJP conference on Shyama Prasad Mukherjee Jayanti
X

 श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर भाजपा सम्मेलन में दिखी गुटबाजी (Photo- Newstrack)

Firozabad News: भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक नेताओं में शामिल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर आयोजित जिला कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान शिकोहाबाद भाजपा संगठन में अंदरूनी खींचतान दिखाई दी। कार्यक्रम में एक गुट की सक्रिय मौजूदगी रही, जबकि दूसरे गुट ने पूरी तरह दूरी बनाकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया।

आगामी चुनावी रणनीतियों पर चर्चा की गई

फ़िरोज़ाबाद जिले के शिकोहाबाद नगर स्थित मां जानकी महल होटल में आयोजित जिला कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में संगठन की मजबूती, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी चुनावी रणनीतियों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में जिले के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


हालांकि, कार्यक्रम की सबसे बड़ी चर्चा दूसरे गुट की गैर मौजूदगी रही। पार्टी के कई प्रमुख स्थानीय नेता और उनके समर्थक सम्मेलन में नहीं पहुंचे। इससे भाजपा के अंदर चल रही गुटबाजी एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने आ गई। इससे पहले भाजपा नगर अध्यक्ष शिवम दीक्षित, चेयरमैन श्रीमती रानी गुप्ता, पूर्व विधायक हरिओम यादव, मनोनीत सभासद पिं्रस जैन, अंशू गुप्ता, कुल्दीप कुमार उर्फ जॉनू गुप्ता, भाजपा नेता सतीश यादव सहित शिकोहाबाद के ऐसे तमाम नेता हैं जो हर प्रोग्राम में दिखाई देते थे। लेकिन आज इनकी गैर मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई।

कार्यक्रम में दिखी नाराजगी और मतभेदों

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता के कार्यक्रम से दूरी बनाना केवल सामान्य अनुपस्थिति नहीं, बल्कि संगठन के भीतर चल रही नाराजगी और मतभेदों का संकेत माना जा रहा है। कार्यक्रम में अनुपस्थित नेताओं को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। ये वही गुट है जो पूर्व विधायक हरिओम यादव का करीबी है। इस गुट के भाजपा नेता अपने मसीहा हरिओम यादव पर जान न्यौछावर करते हैं।



हालांकि, भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पार्टी के पदाधिकारी इसे सामान्य संगठनात्मक स्थिति बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे भाजपा की अंदरूनी कलह का उदाहरण बताकर निशाना साध रहा है।



फिलहाल, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित यह सम्मेलन संगठनात्मक गतिविधियों से अधिक भाजपा की आंतरिक गुटबाजी को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इन मतभेदों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।

Brajesh Rathore
ABOUT THE AUTHOR

Brajesh Rathore

Next Story