Firozabad News: साइबर फ्रॉड के संगठित गैंग पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन सदस्य गिरफ्तार

Firozabad News: शिकोहाबाद पुलिस ने साइबर फ्रॉड गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर एक लाख रुपये नकद, मोबाइल, चेकबुक, दस्तावेज, लैपटॉप और कार बरामद की।

Brajesh Rathore
Published on: 11 July 2026 7:00 PM IST
Firozabad News: साइबर फ्रॉड के संगठित गैंग पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन सदस्य गिरफ्तार
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Firozabad News: फिरोजाबाद के शिकोहाबाद थाना पुलिस ने साइबर फ्रॉड के संगठित गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक लाख रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, सात विभिन्न बैंकों की चेकबुक, फर्जी कंपनियों की मोहरें, महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप और साइबर अपराध में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है। पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है।

साइबर बज्र अभियान के तहत हुई कार्रवाई

प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार ने बताया कि पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे साइबर बज्र अभियान के अंतर्गत थाना शिकोहाबाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ में अपने नाम आशीष निवासी ग्राम चिनेहटी, शिवा निवासी कृष्णा नगर थाना भरथना जनपद इटावा तथा प्रतिमा निवासी तेजपुरा थाना चकरनगर जनपद इटावा, हाल निवासी ब्लॉक नंबर 62-3 जनता आवास श्रमिक कुंज सेक्टर 122 नोएडा बताए हैं। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उनके तीन साथी अंकुल निवासी चिनेहटी थाना भरथना, आयुष्मान उर्फ राजेन्द्र मल्लिक निवासी उड़ीसा तथा अन्य सहयोगी अभी फरार हैं।


पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से एक लाख रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, सात विभिन्न बैंकों की चेकबुक, फर्जी कंपनी की मोहरें और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके साथ ही साइबर अपराध में इस्तेमाल की जा रही स्विफ्ट डिजायर कार को भी बरामद कर सीज कर दिया गया है।

नौकरी और ठेकेदारी दिलाने का झांसा देकर करते थे ठगी

प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित लोगों को नौकरी और ठेकेदारी दिलाने का झांसा देकर उनके नाम पर फर्जी कंपनियां और बैंक खाते खुलवाते थे। जीएसटी पंजीकरण का दुरुपयोग कर बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में रख लेते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड, जीएसटी चोरी और अन्य अवैध माध्यमों से प्राप्त धनराशि के ऑनलाइन लेनदेन के लिए किया जाता था।

जांच में सामने आया एक करोड़ तीस लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन

क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम चंचल त्यागी के नेतृत्व में थाना शिकोहाबाद पर नियुक्त उपनिरीक्षक एवं साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी फैसल खान ने साइबर फ्रॉड से संबंधित शिकायतों की गहन जांच की। जांच के दौरान खाता संख्या 925020038289293, जो अनुज पुत्र रामब्रेश निवासी मोहल्ला गाड़ीवान थाना जसराना जनपद फिरोजाबाद के नाम पर था, उसमें करीब एक करोड़ तीस लाख रुपये के संदिग्ध बैंकिंग लेनदेन का पता चला।

तकनीकी और वित्तीय जांच में सामने आया कि शिवा, आशीष, अंकुल और उनके अन्य साथी मिलकर एक संगठित साइबर फ्रॉड गैंग चला रहे थे। यह गैंग भोले-भाले लोगों को नौकरी और ठेकेदारी दिलाने का झांसा देकर उनकी फर्मों का जीएसटी विभाग में पंजीकरण कराता था। इसके बाद उनके बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करता था तथा उन्हीं खातों के माध्यम से साइबर फ्रॉड और अन्य अवैध तरीकों से प्राप्त धनराशि का ऑनलाइन लेनदेन करता था।

बैरियर लगाकर कार रोकी, तीनों आरोपित दबोचे

मामले में थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद साइबर फ्रॉड गैंग की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया। इस प्रकरण की विवेचना प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार ने की। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने बालाजी मंदिर एनएच-19 पर बैरियर लगाकर वाहन चेकिंग शुरू की। इसी दौरान आगरा की ओर से इटावा जा रही सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार को रोककर उसमें सवार तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।

तलाशी और पूछताछ के दौरान उनके कब्जे से भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की चेकबुक, फर्जी कंपनी की मोहरें और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस ने शनिवार सुबह करीब सवा आठ बजे तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

गैंग में बंटी थीं जिम्मेदारियां

पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग लोगों के नाम पर फर्जी कंपनियां पंजीकृत कराकर उनके बैंक खाते खुलवाते थे और उन्हीं खातों के माध्यम से साइबर फ्रॉड, जीएसटी चोरी तथा अन्य अवैध माध्यमों से प्राप्त धनराशि का लेनदेन कराते थे।

उन्होंने बताया कि अंकुल और अन्य साथी लोगों के नाम पर फर्जी कंपनियां खुलवाने का काम करते थे, जबकि शिवा और प्रतिमा उन खातों का संचालन करते थे। आरोपितों ने यह भी बताया कि वे आयुष्मान उर्फ राजेन्द्र मल्लिक निवासी उड़ीसा के लिए काम करते थे, जो साइबर फ्रॉड और अन्य अवैध माध्यमों से प्राप्त धनराशि इन खातों में जमा कराकर कमीशन देने के बाद वापस प्राप्त करता था।

अपर पुलिस अधीक्षक ने दी कार्रवाई की जानकारी

साइबर फ्रॉड गैंग के खिलाफ की गई इस कार्रवाई की जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक राजेश गुनावत ने दी।

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वरिष्ठ संवाददाता, फिरोजाबादlalabkr@gmail.com
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