Gen-Z बने UP का नए किंगमेकर! अखिलेश ने मांगा युवाओं का साथ, बोले- ‘उखाड़ फेंको सरकार...’

Akhilesh Yadav Wants Gen Z Support: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले Gen-Z और युवा वोटरों पर सियासी दलों की नजर है। अखिलेश यादव ने युवाओं से बीजेपी सरकार को सत्ता से हटाने की अपील करते हुए बेरोजगारी, पेपर लीक और महंगाई जैसे मुद्दे उठाए।

Harsh Srivastava
Published on: 14 Aug 2026 8:59 PM IST
Gen-Z बने UP का नए किंगमेकर! अखिलेश ने मांगा युवाओं का साथ, बोले- ‘उखाड़ फेंको सरकार...’
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Akhilesh Yadav Wants Gen Z Support: उत्तर प्रदेश की राजनीति में युवा मतदाता यानी Gen Z और Gen Alpha इस समय सत्ता की चाबी माने जा रहे हैं। इसी युवा शक्ति को साधने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने देश की राजधानी दिल्ली से केंद्र और यूपी की बीजेपी सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा सियासी हमला बोला है। अखिलेश ने प्रदेश के नौजवानों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे आने वाले चुनावों में इस सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करें। उन्होंने कहा कि जो सरकार देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, उसे सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है।

'1 ट्रिलियन डॉलर का सपना और 1 रुपये किलो आलू!'

दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने यूपी सरकार के विकास के लंबे-चौड़े दावों की हवा निकाल दी। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि जो लोग प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने के बड़े-बड़े विज्ञापनों से सपने बेच रहे हैं, उनके जमीनी राज में आज गरीब किसान 1 रुपये किलो आलू बेचने को विवश है। उन्होंने सवाल दागा कि पिछले 9 सालों से सत्ता में बैठी सरकार आखिर क्या कर रही थी? अगर सरकार ने दिखावे के बजाय शिक्षा और रोजगार पर ध्यान दिया होता, तो आज प्रदेश के होनहार बच्चों को सड़कों पर लाठियां नहीं खानी पड़तीं।

नए वोटरों को ललकारा

सपा प्रमुख ने 18 साल की उम्र पूरी कर चुके और नए बनने वाले युवा वोटरों को सीधे ललकारा। उन्होंने कहा कि देश की नई पीढ़ी आंखें खोलकर धरातल की सच्चाई देखे। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का संदर्भ देते हुए अखिलेश ने सत्ताधारी दल की विचारधारा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देशभक्ति का पाठ पढ़ाने वाले इन लोगों का आजादी के आंदोलन में शून्य योगदान था। अंग्रेजों के जमाने में भूमिगत रहकर मुखबिरी करने वाले लोग आज देश के युवाओं को नसीहत दे रहे हैं।

बुनियादी ढांचा ध्वस्त, गोरखपुर लिंक प्रोजेक्ट पर कोर्ट से मांग

उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे और बढ़ते भ्रष्टाचार पर गंभीर आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य में न तो सड़कें ठीक बची हैं और न ही अस्पतालों की स्थिति सुधरी है। जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार राज्य की अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकार साबित हुई है, जिसने ऐतिहासिक शहर कन्नौज को बदहाली के कगार पर पहुंचा दिया। अखिलेश ने मांग की कि अदालत को गोरखपुर लिंक प्रोजेक्ट में हो रहे भारी घपलेबाजी पर कड़े निर्देश जारी करने चाहिए।

BJP का काउंटर अटैक

दूसरी तरफ, विपक्ष के इस आक्रामक तेवर के बीच भारतीय जनता पार्टी भी हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बीजेपी ने Gen Z तक सीधी पहुंच बनाने की योजना बनाई है। इसी कड़ी में कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय बिना किसी वीआईपी सुरक्षा और तामझाम के सीधे सीतापुर और रायबरेली में 'युवा संवाद' कार्यक्रमों में पहुंचे। उन्होंने डाइट (DIET) संस्थान में छात्रों के बीच जमीन पर बैठकर उनके सपनों, करियर की चिंताओं और भविष्य की योजनाओं को सुना और उनके मन की शंकाओं को दूर किया।

UP के सियासी रण में युवा ही तय करेंगे किसकी बनेगी सरकार

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में जीत और हार का फैसला सिर्फ और सिर्फ Gen Z और नए युवा मतदाता ही करेंगे। यही कारण है कि बीजेपी जहां प्रशासनिक मंत्रियों और जमीनी संवाद के जरिए अपनी पैठ मजबूत कर रही है, वहीं बीएसपी आकाश आनंद के युवा चेहरे पर दांव लगा रही है। दूसरी तरफ, अखिलेश यादव और राहुल गांधी जैसे दिग्गज नेता बेरोजगारी, पेपर लीक और महंगाई जैसे मुद्दों पर नई पीढ़ी को एकजुट कर सत्ता परिवर्तन की पटकथा लिखने में जुटे हैं।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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