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Ghaziabad News: 24 घंटे बिजली के दावे फेल! जिले में रोज घंटों कटौती से लोग बेहाल
Ghaziabad News: भीषण गर्मी के बीच जिले में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। शहर से गांव तक रोजाना कई घंटों की कटौती हो रही है, जबकि बिजली विभाग रिकॉर्ड में कम कटौती दिखा रहा है। पुराने ट्रांसफार्मर, ओवरलोड फीडर और लगातार फॉल्ट से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है।
Ghaziabad News: भीषण गर्मी के बीच जिले में बिजली कटौती की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री की सख्ती और लगातार निर्देशों के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। शहर से लेकर गांव तक बिजली की लंबी कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आम लोगों का कहना है कि रोज कई घंटों तक बिजली गायब रहती है, जबकि बिजली विभाग के रिकॉर्ड में बहुत कम कटौती दिखाई जा रही है।
कागजों में कम, जमीन पर ज्यादा कटौती
विद्युत विभाग का दावा है कि शहर में लगभग पूरे दिन बिजली आपूर्ति हो रही है। अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ कुछ मिनटों की ही बिजली कटौती हो रही है। लेकिन लोगों का कहना है कि वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। कई इलाकों में रोजाना छह से सात घंटे तक बिजली नहीं रहती। शहर को नो ट्रिपिंग जोन में रखा गया है। इसका मतलब है कि यहां 24 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। इसके बावजूद लगातार कटौती और ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। लोग गर्मी और उमस से परेशान हैं और रात में भी चैन से सो नहीं पा रहे।
कई कॉलोनियों में हालात खराब
शुक्रवार रात और शनिवार दिन में भी कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली गुल रही। भोपुरा, शालीमार गार्डन, वसुंधरा, साहिबाबाद, लोनी, खोड़ा और अन्य कई कॉलोनियों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले लोग भी इससे प्रभावित हैं। हालांकि वहां जनरेटर के जरिए बिजली की व्यवस्था हो जाती है, लेकिन इसका अतिरिक्त खर्च सीधे लोगों की जेब पर पड़ रहा है। लगातार डीजल खर्च बढ़ने से लोगों का बजट भी बिगड़ रहा है।
कस्बों और गांवों में और खराब हालात
तहसील और कस्बाई इलाकों में भी बिजली संकट कम नहीं है। विभाग का दावा है कि कस्बों में 23 घंटे से ज्यादा बिजली दी जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगह रोजाना आठ से दस घंटे तक कटौती हो रही है। मुरादनगर और मोदीनगर जैसे क्षेत्रों में लोग सबसे ज्यादा परेशान बताए जा रहे हैं। गांवों की स्थिति और भी खराब है। कई गांवों में लोगों को सिर्फ 14 से 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। भीषण गर्मी में किसानों को भी दिक्कत हो रही है। सिंचाई और दूसरे जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तय समय के अनुसार उन्हें पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही।
पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा बड़ी समस्या
विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली संकट की सबसे बड़ी वजह कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर है। कई जगह पुरानी लाइनें, ओवरलोड फीडर और ट्रांसफार्मर अधिक दबाव नहीं झेल पा रहे हैं। इसी कारण बार-बार फॉल्ट हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिले में रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े फॉल्ट सामने आ रहे हैं। इससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। लगातार ट्रिपिंग के कारण उद्योगों पर भी असर पड़ रहा है और उत्पादन लागत बढ़ रही है।
बिजली कटौती से बढ़ीं लोगों की परेशानियां
बिजली न होने से लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। लिफ्ट बंद होने का खतरा बना रहता है। रात में अंधेरा रहने से सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। लोग अब जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि गर्मी के मौसम में राहत मिल सके।


