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2027 से पहले घोसी में बड़ा सियासी खेल! BJP छोड़ BSP में गए अजय जायसवाल, बने प्रभारी प्रत्याशी?
घोसी विधानसभा में 2027 चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज है। भाजपा नेता अजय जायसवाल के BSP में शामिल होने और ‘जय भीम’ के नारों के बाद नए चुनावी समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है।
Ajay Jaiswal BSP Ghosi Seat: मऊ की घोसी विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा से जुड़े नेता अजय जायसवाल के बसपा में शामिल होने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
बताया जा रहा है कि अजय जायसवाल ने भाजपा छोड़कर बहुजन समाज पार्टी (BSP) का दामन थाम लिया है। उनके इस कदम को घोसी विधानसभा क्षेत्र में आगामी चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा का झंडा हटाकर बसपा का झंडा लगाया
अजय जायसवाल के दल-बदल के बाद उनका एक राजनीतिक संदेश भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी गाड़ी से भाजपा का झंडा हटाकर बसपा का झंडा लगा लिया। इसके बाद समर्थकों ने ‘जय भीम’ के नारे लगाकर उनका स्वागत किया।
इस घटनाक्रम के बाद घोसी में बसपा की सक्रियता को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बसपा ने बनाया प्रभारी प्रत्याशी!
2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए बसपा की ओर से अजय जायसवाल को घोसी विधानसभा का प्रभारी प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा है। हालांकि, अंतिम टिकट को लेकर पार्टी की ओर से औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
मऊ जिले की चार विधानसभा सीटों में से दो पर बसपा पहले ही अपने प्रभारी घोषित कर चुकी है। ऐसे में घोसी से अजय जायसवाल का नाम सामने आने के बाद जिले में बसपा की चुनावी रणनीति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भाजपा के लिए कितना बड़ा झटका?
अजय जायसवाल का भाजपा से अलग होकर बसपा के साथ जाना स्थानीय स्तर पर भाजपा के लिए झटका माना जा रहा है। हालांकि, किसी नेता के दल-बदल का वास्तविक चुनावी असर आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
घोसी विधानसभा सीट पर 2027 के चुनाव को लेकर अभी से राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में अजय जायसवाल का बसपा के साथ जाना मुकाबले को कितना प्रभावित करेगा, यह आने वाले महीनों में साफ होगा।


