Brij Bhushan Sharan Singh: ‘अब लोग ऊब चुके हैं...’, हाईकोर्ट के असलहा लिस्ट तलब करने पर बोले बृजभूषण शरण सिंह

Brij Bhushan Sharan Singh: बृजभूषण शरण सिंह ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा शस्त्र लाइसेंस धारकों की सूची तलब किए जाने के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

Shishumanjali kharwar
Published on: 24 May 2026 3:52 PM IST (Updated on: 24 May 2026 3:53 PM IST)
Brij Bhushan Sharan Singh
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Brij Bhushan Sharan Singh

Brij Bhushan Sharan Singh: भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के नेता बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में आ गये हैं। इस बार बृजभूषण शरण सिंह ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा शस्त्र लाइसेंस धारकों की सूची तलब किए जाने के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बलरामपुर जनपद के गैंडास बुजुर्ग में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अब असलहा लेकर चलने का दौर काफी बदल चुका है।

उन्होंने कहा कि आजकल असलहा कौन ही लेकर चलता है? लोग अब इस संस्कृति से ऊब चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि पहले के समय में लोग हथियार लेकर चलते थे। असलहा लेकर चलने को समाज में अलग नजरिए से देखा जाता था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। बृजभूषण ने आगे कहा कि फिलहाल वह खुद भी अब असलहा लेकर नहीं चलते है। वहीं अब समाज में भी इसकी जरूरत पहले जैसी नहीं रह गई है।

दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों से शस्त्र लाइसेंस धारकों की विस्तृत जानकारी मांगी है। कोर्ट ने विशेष रूप से बाहुबली और आपराधिक छवि वाले लोगों को जारी किए गए हथियार लाइसेंस का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से कहा है कि ऐसे सभी लोगों की सूची, उनके लाइसेंस की स्थिति, आपराधिक रिकॉर्ड और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की जाए।

इस सूची में बृजभूषण शरण सिंह, रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया, धनंजय सिंह, बृजेश सिंह, सुशील सिंह, विनीत सिंह सहित लगभग 19 प्रभावशाली लोगों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। उच्च न्यायालय का मानना है कि शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग और सार्वजनिक रूप से हथियारों के प्रदर्शन जैसे मामलों पर सख्ती जरूरी है। यह आदेश इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विनोद दिवाकर ने संतकबीरनगर निवासी जयशंकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। अदालत ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि किन परिस्थितियों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को हथियार लाइसेंस जारी किए गए और उनकी निगरानी किस प्रकार की जा रही है।

अपने संबोधन के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने पुराने राजनीतिक दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि बलरामपुर और उतरौला क्षेत्र से उनका विशेष लगाव रहा है। उन्होंने बताया कि एक समय उनके ऊपर राजनीतिक संकट आया था, जिसके बाद उन्होंने बलरामपुर से चुनाव लड़ा था। उस दौरान बेहद कम समय में चुनाव अभियान चलाया गया था, लेकिन यहां की जनता ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि बलरामपुर, उतरौला, गैंडास बुजुर्ग और आसपास के क्षेत्रों के लोगों का स्नेह और सहयोग हमेशा उनके साथ रहा है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में शस्त्र लाइसेंस को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

Content Writer Mail ID -Shishulko@gmail.com

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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