Gonda News: वन रेंज पंडरी कृपाल में सागौन पेड़ों की अवैध कटान का मामला, जांच की मांग

Gonda News: गोंडा के पंडरी कृपाल वन रेंज में सागौन के कई दर्जन पेड़ों की अवैध कटान का मामला सामने आया है। आरोप है कि जेसीबी से ठूंठ हटाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई, मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।

Radheshyam Mishra
Published on: 22 Jun 2026 5:35 PM IST
Gonda News: वन रेंज पंडरी कृपाल में सागौन पेड़ों की अवैध कटान का मामला, जांच की मांग
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Gonda News: वन रेंज पंडरी कृपाल क्षेत्र में प्रतिबंधित सागौन के कई दर्जन पेड़ों की अवैध कटान का मामला सामने आया है। आरोप है कि लकड़कट्टों और कुछ वन कर्मियों की मिलीभगत से पेड़ों को काटकर गायब कर दिया गया। सूचना देने के बावजूद कार्रवाई न होने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, 14/15 जून 2026 की रात पंडरी कृपाल रेंज के सुमेरीपुर क्षेत्र में अवैध रूप से सागौन के कई दर्जन पेड़ काट दिए गए। आरोप है कि कटान के बाद पेड़ों को मौके से हटा दिया गया। इस संबंध में सुरक्षा प्रभारी अभिषेक वर्मा और अमित वर्मा को तत्काल सूचना दी गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

कार्रवाई को लेकर उठे सवाल

16 जून 2026 को मामले में कार्रवाई की जानकारी लेने पर सुरक्षा प्रभारी ने बताया कि वनकर्मी सोनू शुक्ला द्वारा थाना मोतीगंज में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है और मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। हालांकि, थाना मोतीगंज में जानकारी करने पर कोई तहरीर दर्ज नहीं मिली। वहीं वन विभाग में भी किसी मुकदमे की पुष्टि नहीं हो सकी।मामले को लेकर रेंजर सुशांत शुक्ला ने बताया कि पेड़ कई लोगों के हिस्से में लगे थे, इसलिए सभी के बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुमेरीपुर में जेसीबी से पेड़ों के ठूंठ (बूटों) को खोदकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसकी जांच की आवश्यकता है।मामले में दोबारा जानकारी लेने पर सुरक्षा प्रभारी अभिषेक वर्मा ने बताया कि कटान की सूचना उसी समय वनकर्मी सोनू शुक्ला को दी गई थी। आरोप है कि वनकर्मी ने मौके पर मौजूद होने और पेड़ों के ठूंठ की गिनती करने की बात कही थी।

पहले भी सामने आ चुका है मामला

स्थानीय लोगों के अनुसार, 22 मई 2026 को विद्यानगर क्षेत्र में 15 पेड़ों की परमिट होने के बावजूद कथित रूप से 33 सागौन के पेड़ काटकर गायब कर दिए गए थे। मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद कुछ मामलों में कार्रवाई की बात सामने आई, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया गया।क्षेत्र में चर्चा है कि पंडरी कृपाल रेंज में पहले भी कई स्थानों पर प्रतिबंधित पेड़ों की अवैध कटान हुई है, जिससे राजस्व और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।पर्यावरण संरक्षण और राजस्व नुकसान को देखते हुए स्थानीय लोगों ने डीएफओ गोंडा से अवैध कटान मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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