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Gonda News: गोंडा में बंद केजीएन पब्लिक स्कूल फिर शुरू, बिना अनुमति संचालन के आरोप, कार्रवाई की मांग
Gonda News: गोंडा के केजीएन पब्लिक स्कूल के दोबारा संचालन पर सवाल, डीएम-डीआईओएस-बीएसए से कार्रवाई की मांग।
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Gonda News: कौड़िया थाना क्षेत्र के किला स्थित केजीएन पब्लिक स्कूल को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। प्रशासन द्वारा गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद बंद किए गए इस विद्यालय को बिना अनुमति दोबारा शुरू करने का आरोप लगाया गया है।
क्या है मामला?:
शिकायतकर्ता सुजीत कुमार सिंह एवं प्रमोद सिंह, निवासी ग्राम चैनापुर, थाना कौड़िया ने जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिकायती पत्र देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
आरोप है कि विद्यालय को प्रशासन ने अगले आदेश तक बंद करने के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद गत 1 जुलाई 2026 से पुनः विद्यालय का संचालन शुरू कर दिया गया है। इसके लिए किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति नहीं ली गई है।
पहले भी थे गंभीर आरोप:
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इससे पहले विद्यालय के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें सामने आई थीं।
1. विद्यालय में कथित छेड़छाड़ की घटना
2. निर्धारित मान्यता के बिना कक्षा 1 से 12 तक संचालन
3. अन्य प्रशासनिक एवं शैक्षणिक अनियमितताएं
इन शिकायतों की जांच तत्कालीन एसडीएम कर्नलगंज नेहा मिश्रा की अध्यक्षता में कराई गई थी। जांच में कई गंभीर कमियां और नियमों का उल्लंघन पाए जाने के बाद प्रशासन ने विद्यालय का संचालन अगले आदेश तक बंद करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विद्यालय बंद भी कर दिया गया था।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि विद्यालय प्रबंधन ने बिना किसी वैधानिक आदेश या अनुमति के 1 जुलाई से बच्चों की पढ़ाई शुरू कर दी है। इसकी जानकारी डीआईओएस और बीएसए को लिखित में दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।उन्होंने जिलाधिकारी' से मांग की है कि:
1. मामले की निष्पक्ष एवं तत्काल जांच कराई जाए।
2. यदि विद्यालय बिना अनुमति संचालित पाया जाता है तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
3. छात्र-छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य से खिलवाड़ न होने दिया जाए।
शिकायतकर्ताओं ने कहा कि यदि बिना अनुमति संचालन की छूट दी जाती है तो इससे शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगेगा और नियमों का पालन करने वाले विद्यालयों के साथ अन्याय होगा।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी नजरें:
अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि विद्यालय का पुनः संचालन वैध अनुमति से हो रहा है या नहीं।


