Gonda News: करनैलगंज SDM कोर्ट में फाइल दिखाने के 1000 रुपये मांगने का आरोप, वीडियो वायरल

Gonda News: गोंडा के करनैलगंज एसडीएम न्यायालय में फाइल दिखाने के नाम पर 1000 रुपये मांगने का आरोप, वीडियो वायरल होने पर अधिवक्ता ने डीएम से शिकायत की।

Radheshyam Mishra
Published on: 10 Aug 2026 8:34 PM IST
Gonda News: करनैलगंज SDM कोर्ट में फाइल दिखाने के 1000 रुपये मांगने का आरोप, वीडियो वायरल
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Gonda News :करनैलगंज तहसील के एसडीएम न्यायालय में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। एक अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि एसडीएम कार्यालय में तैनात एक प्राइवेट कर्मचारी फाइल दिखाने और आदेश कराने के नाम पर 1000 रुपये की अवैध वसूली कर रहा है। मामले का 21 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तहसील परिसर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

अधिवक्ता ने आयुक्त-डीएम को भेजी शिकायत

अधिवक्ता पंकज कुमार दीक्षित, निवासी ग्राम पंडरी सविता ने सोमवार शाम 4:30 बजे आयुक्त देवीपाटन मंडल और जिलाधिकारी गोंडा को ईमेल के जरिए लिखित शिकायत भेजी है।शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि एसडीएम करनैलगंज ने वसूली और फाइलों में आदेश कराने के लिए नंद कुमार दुबे नामक प्राइवेट कर्मचारी को रख रखा है। वह फाइल दिखाने के एवज में 1000 रुपये मांगता है और कहता है कि 'साहब ने हमको रखा है, जैसा साहब कहेंगे वैसा करेंगे।'"अधिवक्ता का आरोप है कि इस संबंध में एसडीएम से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया और व्हाट्सएप पर भी कोई जवाब नहीं दिया


सरकारी कार्यालय में प्राइवेट वसूली, जीरो टॉलरेंस कहां?"

अधिवक्ता पंकज दीक्षित ने कहा कि सरकारी कार्यालय में प्राइवेट व्यक्ति द्वारा पैसे लेकर काम कराना सीधे-सीधे भ्रष्टाचार है। इससे आम वादकारी और गरीब जनता का शोषण हो रहा है।उन्होंने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही फर्जी तरीके से कार्यरत प्राइवेट कर्मचारी नंद कुमार दुबे को तत्काल हटाकर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।

पहले भी वायरल हुआ था वीडियो, नहीं हुई कार्रवाई:

सूत्रों के अनुसार आरोपी नंद कुमार दुबे का नाम पहले भी एसडीएम न्यायालय में जमानत और तारीख के नाम पर अवैध वसूली के मामले में सामने आ चुका है। उस समय भी एक वीडियो वायरल हुआ था और मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।आरोप है कि कई वर्षों से दुबे इस न्यायालय में अवैध रूप से सरकारी कर्मचारी बनकर काम कर रहा है। शिकायत करने वाले वादकारियों को काम न करने और जमानत न होने देने की धमकी भी दी जाती है।

वादकारियों की मांग - प्राइवेट कर्मचारियों को हटाओ, सीसीटीवी लगाओ:

वीडियो वायरल होने के बाद वादकारियों में आक्रोश है। लोगों का कहना है, "अगर फाइल देखने के लिए ही पैसे देने पड़ेंगे तो गरीब आदमी न्याय कैसे पाएगा।"वादकारियों ने मांग की है कि तहसील में अवैध रूप से कार्यरत सभी प्राइवेट कर्मचारियों को तुरंत हटाया जाए और एसडीएम न्यायालय में सीसीटीवी कैमरे लगाकर फाइलों के निस्तारण की ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जाए।

एसडीएम से संपर्क नहीं हो सका:

इस पूरे मामले में एसडीएम करनैलगंज से उनका पक्ष जानने के लिए सीयूजी नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बताया गया।फिलहाल वायरल वीडियो और शिकायत के बाद प्रशासनिक गलियारों में मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

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