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Gonda News: आरटीआई का जवाब न देने पर कर्नलगंज नगर पालिका के जन सूचना अधिकारी पर कार्रवाई की तैयारी
Gonda News: गोंडा के कर्नलगंज नगर पालिका में आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना उपलब्ध न कराने और राज्य सूचना आयोग के नोटिस पर उपस्थित न होने के मामले में जन सूचना अधिकारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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Gonda News: सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराना और राज्य सूचना आयोग के नोटिस की अनदेखी करना नगर पालिका परिषद कर्नलगंज के जन सूचना अधिकारी को भारी पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिशासी अधिकारी एवं जन सूचना अधिकारी को तलब किया है। साथ ही, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू किए जाने को लेकर अंतिम चेतावनी दी है।
मामला कर्नलगंज कस्बे के कादीपुर मोहल्ला निवासी जयप्रकाश सिंह की ओर से दाखिल आरटीआई आवेदन से जुड़ा है। अपीलकर्ता ने 8 सितंबर 2025 को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत नगर पालिका परिषद कर्नलगंज से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी।आरोप है कि निर्धारित 30 दिनों की समय-सीमा बीत जाने के बाद भी जन सूचना अधिकारी ने न तो मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद अपीलकर्ता ने 18 अक्टूबर 2025 को प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील दायर की। हालांकि, वहां से भी उन्हें अपेक्षित सूचना नहीं मिल सकी।
आयोग के नोटिस के बावजूद नहीं हुए उपस्थित
सूचना नहीं मिलने पर जयप्रकाश सिंह ने 22 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग में आरटीआई अधिनियम की धारा 19(3) के तहत द्वितीय अपील और धारा 18 के तहत शिकायत दाखिल की।आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए 31 मई 2026 को नगर पालिका परिषद कर्नलगंज के जन सूचना अधिकारी को नोटिस जारी किया। बताया गया कि नोटिस तामील होने के बावजूद संबंधित अधिकारी आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए और न ही मांगी गई सूचना उपलब्ध कराई।आयोग ने 6 अगस्त 2026 के आदेश में इस स्थिति पर नाराजगी जताई। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को जारी नवीनतम पत्र में आयोग ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि जन सूचना अधिकारी सूचना उपलब्ध कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया है।
21 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश
राज्य सूचना आयोग ने जन सूचना अधिकारी को अंतिम अवसर देते हुए 21 अक्टूबर 2026 को राज्य सूचना आयुक्त के समक्ष सुनवाई कक्ष संख्या एस-11 में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और अपना लिखित अभिकथन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।आयोग ने नोटिस में पूछा है कि संबंधित परिस्थितियों को देखते हुए उनके खिलाफ सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 20(1) और 20(2) के तहत दंडात्मक कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।आरटीआई अधिनियम की धारा 20(1) के तहत निर्धारित परिस्थितियों में जन सूचना अधिकारी पर सूचना देने में देरी या अन्य संबंधित उल्लंघनों के लिए 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अधिकतम 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, धारा 20(2) के तहत निर्धारित शर्तें पूरी होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की जा सकती है।राज्य सूचना आयोग के सख्त रुख के बाद नगर पालिका परिषद कर्नलगंज के इस मामले पर सबकी निगाहें टिकी हैं। अब 21 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में संबंधित अधिकारी का पक्ष और आयोग का अगला निर्णय महत्वपूर्ण होगा।


