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Gonda News: गोंडा में बारिश बनी काल! पानी से भरे गड्ढे ने छीन ली दो मासूमों की जिंदगी
Gonda News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में निर्माणाधीन मैरिज हॉल के पास पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
Gonda News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में रविवार को एक बेहद दुखद हादसा हो गया। इटियाथोक थाना क्षेत्र के बैजपुर गांव में पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की जान चली गई। इस घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।जानकारी के अनुसार, बैजपुर गांव में एक मैरिज हॉल का निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण के लिए मिट्टी की खुदाई की गई थी, जिससे वहां एक बड़ा गड्ढा बन गया। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण इस गड्ढे में काफी पानी भर गया था। रविवार दोपहर गांव के दो बच्चे साइकिल लेकर खेलते हुए उसी स्थान पर पहुंच गए। आशंका है कि खेल के दौरान दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गए। आसपास कोई मौजूद नहीं था, इसलिए किसी को तुरंत घटना की जानकारी नहीं मिल सकी।
चार घंटे तक चला राहत अभियान
कुछ समय बाद बच्चों के लापता होने की जानकारी मिलने पर परिवार और ग्रामीण उनकी तलाश में जुट गए। खोजबीन के दौरान गड्ढे में बच्चों के डूबने की आशंका हुई। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और स्थानीय लोगों की मदद से राहत अभियान शुरू किया गया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद 15 वर्षीय शिवम मौर्या का शव गड्ढे से बाहर निकाल लिया गया। वहीं दूसरे बच्चे राजन मौर्या की तलाश देर शाम तक जारी रही। बाद में पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तलाश अभियान जारी रखा।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में जान गंवाने वाला शिवम मौर्या कक्षा छह का छात्र था। वह अपने परिवार में दो भाइयों में बड़ा था। उसका छोटा भाई सत्यम है। वहीं, 12 वर्षीय राजन मौर्या कक्षा पांच में पढ़ता था। वह अपने भाई-बहनों में सबसे छोटा था। दोनों बच्चों के माता-पिता मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। एक साथ दो मासूमों के हादसे का शिकार होने से दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं। गांव के लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया है।
पुलिस कर रही है जांच
इटियाथोक थाना पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी। प्रथम दृष्टया ऐसा माना जा रहा है कि दोनों बच्चे खेलते-खेलते पानी से भरे गड्ढे तक पहुंच गए और उसमें गिरने से हादसा हो गया। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
बरसात में बरतें सावधानी
बारिश के मौसम में निर्माण स्थलों, गहरे गड्ढों, तालाबों और जलभराव वाले इलाकों में हादसों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों को बिना निगरानी के इन जगहों पर जाने से रोकना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि निर्माण कार्य वाले स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए और बरसात के मौसम में अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।


