Gorakhpur Watermelon Case: तरबूज के बाद खाया मैगी, बिगड़ी परिवार के 11सदस्यों की तबियत,3की हालत नाजुक

Gorakhpur Watermelon Case: बेलीपार थाना क्षेत्र के मलाव इलाके में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 11 सदस्यों ने मैगी खा ली। जिसके बाद एक-एक कर सभी की हालत बिगड़ गई।

Shishumanjali kharwar
Published on: 15 May 2026 9:00 AM IST
Gorakhpur Watermelon Case
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Gorakhpur Watermelon Case

Gorakhpur Watermelon Case: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद से हैरान कर देने वाली घटना सामने आयी। यहां बेलीपार थाना क्षेत्र के मलाव इलाके में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 11 सदस्यों ने मैगी खा ली। जिसके बाद एक-एक कर सभी की हालत बिगड़ने लगी और उल्टी दस्त शुरू हो गयी। यही नहीं परिवार के लोगों के सांस लेने में तकलीफ होने के साथ ही पेट में तेज दर्द होने लगा। हालत बिगड़ने पर परिवार के सदस्य नजदीक के एक डाॅक्टर के पास पहुंचे, लेकिन उसकी दवा का भी कोई असर नहीं हुआ। सही इलाज न मिलने के चलते घरवालों की तबियत ज्यादा खराब होने लगी। जिसके बाद आसपास रहने वाले लोगों को जानकारी दी गयी।

पड़ोसियों ने आनन-फानन में सभी घरवालों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां तीन की हालत नाजुक बनी हुई है। बाकी अन्य सदस्य की तबियत खतरे से बाहर बतायी जा रही है। लेकिन डाॅक्टरों ने एहतियात के तौर पर घरवालों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार बैजनाथ पांडेय ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर तरबूज खाया था। तरबूज खाने के बाद कुछ देर बाद बच्चों के जिद करने पर मैगी बनायी गयी और फिर सभी ने मिलकर खाई।

तरबूज के बाद मैगी खाने के कुछ ही घंटों बाद घरवालों की हालत बिगड़ने लगी। सभी को पेट दर्द के साथ उल्टी और दस्त होने लगा। इसके साथ ही सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी। सबसे ज्यादा तकलीफ बुजुर्गों और छोटे बच्चों को हुई। जब घरवालों की इस तरह तबियत बिगड़ने की जानकारी पड़ोसियों को हुई तो आनन-फानन में पड़ोसियों ने उन्हें जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने कुछ की हालत गंभीर देख इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया।

जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. बीके सुमन के मुताबिक अस्पताल में तबियत बिगड़ने पर बैजनाथ पांडेय, उनके भाई अमरनाथ पांडेय, अंषु पांडे, पूर्णिमा पांडेय, शैल कुमारी, हन्नू, नेहा पांडेय, जगदीष दुबे, वेदांत और सौरभ त्रिपाठी को भर्ती किया गया है। जिसमें तीन मासूम बच्चों की हालत नाजुक है। उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। डाॅक्टरों के मुताबिक काफी देर से कटा हुआ तरबूज स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके साथ ही ऑक्सीटोसिन से पकाया गया तरबूज खाने से फूड पाॅइजनिंग की संभावना अधिक रहती है। वहीं एक्सपायर मैगी के सेवन से भी फूड पाॅइजनिंग हो सकती है।

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

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मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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