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CM Yogi का बड़ा ऐलान: फिर बढ़ेगी पेंशन, यूपी के सभी 18 मंडलों में बनेंगे पुनर्वास केंद्र
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांगजन की पेंशन राशि में जल्द बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यूपी के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र भी बनेंगे।
गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को दिव्यांगजन कल्याण को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन की पेंशन राशि में जल्द ही एक बार फिर बढ़ोतरी की जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन का पहला सूत्र यही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बिना भेदभाव पहुंचे।
मुख्यमंत्री गोरखपुर के सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के संयुक्त कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने 509 दिव्यांग लाभार्थियों को करीब सवा करोड़ रुपये के 664 सहायक उपकरण वितरित किए।
पहले 300, फिर 500 और अब 1000 रुपये हुई पेंशन
सीएम योगी ने कहा कि दिव्यांगजन को पहले 300 रुपये मासिक पेंशन मिलती थी। उनकी सरकार ने इसे बढ़ाकर पहले 500 रुपये और फिर 1000 रुपये किया। अब कुछ दिनों में पेंशन राशि में फिर वृद्धि की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में शिविर लगाकर उन दिव्यांगजनों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा, जो अभी पेंशन या अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। प्रदेश में 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों की डिजिटल पहचान मजबूत कर उन्हें कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं।
सभी 18 मंडलों में बनेंगे जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में सीतापुर आई हॉस्पिटल परिसर में यह केंद्र शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण की शुरुआत बचपन से होनी चाहिए। शुरुआती जांच, थेरेपी, अभिभावकों को मार्गदर्शन, विशेष शिक्षा और तकनीकी सहायता पर सरकार का जोर है। तीन से सात वर्ष के श्रवणबाधित, दृष्टिबाधित और बौद्धिक दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए बचपन डे केयर सेंटरों का भी विस्तार किया जा रहा है।
दिव्यांगजनों को रोजगार और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिव्यांगजनों को मुख्यमंत्री युवा, पीएम स्वनिधि, एक जिला एक उत्पाद (ODOP), पीएम विश्वकर्मा, पीएम मुद्रा और स्टैंड अप जैसी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार कॉक्लियर इंप्लांट के लिए छह लाख रुपये तक की सहायता के साथ स्पीच थेरेपी में भी सहयोग करती है।
योगी ने कहा कि शारीरिक चुनौती किसी व्यक्ति की प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बन सकती। प्रतिभा को दया नहीं बल्कि अवसर की जरूरत होती है। उन्होंने अष्टावक्र, सूरदास, रवींद्र जैन, अरुणिमा सिन्हा और पैरालंपिक खिलाड़ियों दीपा मलिक, सुहास एलवाई, सुमित अंतिल, देवेंद्र, भाविना पटेल, वैभव गौतम, प्रवीण कुमार और प्रीति पाल का उदाहरण देते हुए कहा कि मजबूत हौसले से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
'विकलांग' की जगह 'दिव्यांग' शब्द का किया गया इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में 'विकलांग' की जगह 'दिव्यांग' शब्द का इस्तेमाल कर समाज की दृष्टि बदलने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत ब्रेल और ऑडियो सूचना, टैक्टाइल पाथ, सुलभ डिजिटल सेवाएं, सांकेतिक भाषा, कैप्शन और विजुअल अलर्ट जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
योगी ने शिक्षा को दिव्यांगजन के सशक्तीकरण का सबसे बड़ा माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए दो विश्वविद्यालय संचालित हैं, लखनऊ में डॉ. शकुंतला मिश्रा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विश्वविद्यालय और चित्रकूट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय।
509 लाभार्थियों को मिले 664 सहायक उपकरण
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 509 दिव्यांगजनों को कुल 664 सहायक उपकरण वितरित किए। इनमें 127 लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 25 को ई-ट्राइसाइकिल और 70 को ट्राइसाइकिल दी गई।
इसके अलावा 155 दिव्यांगजनों को 319 स्मार्ट केन एवं ब्रेल किट, 90 को हियरिंग एड और 5 को स्मार्टफोन दिए गए। एक लाभार्थी को ब्रेल लिपि की गीता और एक को ब्रेल लिपि की रामचरितमानस भी प्रदान की गई। 10 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, 20 को वयोश्री योजना का लाभ और 5 को पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं।
नरेंद्र कश्यप ने गिनाईं सरकार की योजनाएं
कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में दिव्यांगजनों के जीवन में बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2026-27 में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग का बजट बढ़कर 2200 करोड़ रुपये हो गया है।
कश्यप ने कहा कि दिव्यांग बच्चियों की यात्रा सुगम बनाने के लिए ई-स्कूटी के लिए 60 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रदेश में 55 बचपन डे केयर सेंटर संचालित हैं, जबकि 28 और केंद्र खोले जाने हैं।
कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद, पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ शासन एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


