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गोरखपुर में 10 साल की बच्ची से सिपाही ने की दरिंदगी, रेप के बाद हत्या, लाश को नदी में फेंका
Gorakhpur News: गोरखपुर में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी पुलिस कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ते हुए एक सप्ताह में चार्जशीट दाखिल करने की बात कही।
Gorakhpur News (Image Credit-Newstrack)
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या को लेकर उबाल है। गुरुवार को जिला अस्पताल में आरोपी पुलिस कांस्टेबल अभिषेक यादव को मेडिकल परीक्षण के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों ने हमला कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर आरोपी को भीड़ से निकालकर मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया। उधर, बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस सार्वजनिक नहीं कर रही है। लेकिन सूत्रों की माने को इसमें हैवानियत की इंतहा की तस्दीक हो रही है। गोरखपुर की घटनाओं को लेकर मुखर रहने वाले सपा प्रमुख अखिलेश यादव की चुप्पी पर लोग सवाल उठा रहे हैं।
आरोपी सिपाही को पुलिस मेडिकल के लिए जैसी ही जिला अस्पताल पहुंची, वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। कर्मचारियों ने आरोपी पर हाथापाई शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आरोपी को सुरक्षित बाहर निकाला। एसएसपी डा. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपित सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। पिता की तहरीर पर कोतवाली थाने में दर्ज अपहरण के मुकदमे में हत्या, दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ा दी गई हैं। 24 घंटे में आरोपित को बर्खास्त करने की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। एक सप्ताह में चार्जशीट दाखिल कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे का विचारण कराकर कठोर सजा दिलाई जाएगी।
दरिंदगी के दौरान शोर करने पर बच्ची का गला घोटकर मार डाला
गाजीपुर का रहने वाला सिपाही अभिषेक यादव मंगलवार की रात में बहला-फुसलाकर बहन को भोजन देने गई बालिका को साथ ले गया था। चिउटहा पुल के पास श्मशान पर स्थित टिनशेड कमरे में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की। जब बच्ची ने शोर मचाने की कोशिश की तो उसने गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को नदी में फेंक कर भाग गया। गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे रोहिन नदी किनारे से शव बरामद हुआ।
अस्पताल में भर्ती बहन को खाना देकर लौट रही थी बच्ची
आजमगढ़ जिले के रहने वाले ई-रिक्शा चालक की 10 वर्षीय बेटी 28 जुलाई की रात जिला अस्पताल में भर्ती बड़ी बहन को खाना देकर घर लौट रही थी। रात 9:40 बजे डायल-112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव उसे बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठाकर जिला अस्पताल से निकला। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार वह बक्शीपुर, घासीकटरा, इलाहीबाग, हरबर्ट बांध, बरगदवा और मोहरीपुर होते हुए करीब 12.5 किलोमीटर दूर चिउटहा पुल के नीचे स्थित श्मशान घाट के पास बने टिनशेड तक पहुंचा। पुलिस के अनुसार वहां बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया।
डायल 112 में तैनात था सिपाही
गाजीपुर जिले के सादियाबाद थाना क्षेत्र के चौरा हंसराजपुर गांव निवासी अभिषेक यादव वर्ष 2016 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था और 2018 बैच का सिपाही है। वर्तमान में उसकी तैनाती डायल-112 में थी। फरवरी 2025 में उस पर बंगाल की रहने वाली युवती को अगवा कर हैवानियत करने के मामले में कार्रवाई हुई थी और वह निलंबित भी रहा था। बाद में सितंबर 2025 में उसकी बहाली हुई थी।
परिवार वाले जांच की मांग करते रहे, पुलिस ने की अनदेखी
पुलिस अधीक्षक यातायात अमित कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक में व्यापारी संगठनों ने प्रमुखता से उठाया गया। व्यापारियों ने कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई से ही कानून का भय स्थापित होगा, पुलिस का जनविश्वास और इकबाल पुनः मजबूत होगा। बैठक में यह भी चिंता व्यक्त की गई कि सदर अस्पताल से 10 वर्षीय बालिका के लापता होने की सूचना उसके परिजनों द्वारा तत्काल कोतवाली पुलिस को दिए जाने के बावजूद आवश्यक तत्परता एवं संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई। व्यापारियों का मत था कि यदि सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल सक्रिय होकर प्रभावी कार्रवाई की होती, तो संभवतः बालिका का जीवन बचाया जा सकता था।


