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Hamirpur News : हमीरपुर में चंदूपूर वार्ड की खस्ताहाल सड़क, 15 गाँव प्रभावित, ग्रामीण परेशान
Hamirpur News : हमीरपुर जिले के चंदूपूर वार्ड की खस्ताहाल सड़क से 15 से अधिक गाँव प्रभावित, ग्रामीण बरसात में भी सड़क पार करने को मजबूर।
Hamirpur News ( Image From Social Media )
Hamirpur News : हमीरपुर जिले में कई गाँव और मजरे ऐसे हैं, जहाँ के निवासी आज भी आदिम युग की परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर हैं।यहाँ लोगों को बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ से भरी सड़कों से गुजरना पड़ता है।मंत्रियों से लेकर सांसदों और विधायकों तक से कई बार सड़क निर्माण की गुहार लगाई गई, लेकिन नतीजा वही “ढक के तीन पात” रहा।मजबूरन अब ग्रामीणों को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।यह तस्वीरें हमीरपुर जिला मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर दूर स्थित चंदूपूर वार्ड की हैं।
यही वह सड़क है, जो एक दर्जन से अधिक गाँवों और मजरों को जोड़ती है, लेकिन आजादी के बाद से अब तक इसका निर्माण नहीं हो सका।इन तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि मिट्टी की ऊँची कगारों और धूल-मिट्टी के गुब्बरों के बीच बनी यह सड़क लोगों के लिए कितनी मुश्किलें पैदा कर रही है।जो लोग देश की आजादी के साथ ही सड़क के बनने की उम्मीद लगाए बैठे थे, उन्हें आज भी इसी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।मजबूरन लोगों को अपनी किस्मत को कोसते हुए हर दिन इस सड़क से गुजरना पड़ता है और जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
हम कई सालों से सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। हमारी जिंदगी मुश्किलों में गुजर रही है।”हमीरपुर जिले के यमुना नदी के बीहड़ क्षेत्र में स्थित चंदूपूर वार्ड से लगभग 15 गाँव और मजरों के एक लाख से अधिक लोग इस मिट्टी और धूल से भरी सड़क से गुजरते हैं।यह सड़क जिला मुख्यालय से केवल 3 किलोमीटर दूर है।लेकिन वन विभाग इसे अपनी जमीन बताते हुए हर बार सड़क निर्माण की योजना में रोक लगा देता है।
बरसात के दिनों में हालात और भी कठिन हो जाते हैं। कई फीट पानी और कीचड़ भर जाने से कोई भी वाहन नहीं निकल पाता।मजबूरी में ग्रामीण बीमारों को खटिया पर लादकर कीचड़ के बीच से अस्पताल पहुंचाते हैं।“बरसात में स्कूल जाना बहुत मुश्किल हो जाता है। कई बार हम लोग रास्ते में गिर जाते हैं।”
नए हुए परिसीमन में ब्रह्मा का डेरा क्षेत्र हमीरपुर जिला मुख्यालय के वार्ड चंदूपूर में जोड़ा गया है।लेकिन इसे जोड़ने वाली सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है।जनप्रतिनिधि और वन विभाग की लापरवाही को कारण बताते हुए अब जल्द से जल्द सड़क बनाने का आश्वासन दिया जा रहा है।“हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। जल्द ही इस सड़क का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।”
21वीं सदी में, जहाँ देश बुलेट ट्रेन दौड़ाने की तैयारी कर रहा है, वहीं गाँवों की ये खस्ताहाल सड़कें सरकारी योजनाओं पर सवाल खड़े करती हैं।गड्ढा-मुक्त सड़कें और गाँवों को मुख्यालय से जोड़ने के दावे केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं।ऐसे में हमीरपुर जिले के बीहड़ क्षेत्र के ग्रामीण आज भी आम युग की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।


