TRENDING TAGS :
Hapur News: ट्रेनों की देरी से यात्री परेशान, गरीब रथ 5 घंटे रही लेट
Hapur News: हापुड़ रेलवे स्टेशन पर गरीब रथ 5 घंटे 39 मिनट और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस 3 घंटे 43 मिनट देरी से पहुंची, यात्रियों ने समयबद्ध संचालन की मांग की।
ट्रेनों की देरी से यात्री परेशान, गरीब रथ 5 घंटे रही लेट (Photo- Newstrack)
Hapur News: हापुड़ रेलवे स्टेशन पर सोमवार को ट्रेनों की लेटलतीफी ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक पहुंचने की उम्मीद लेकर स्टेशन पहुंचे यात्रियों को प्लेटफार्म पर घंटों इंतजार करना पड़ा। कोई मोबाइल पर ट्रेन की लोकेशन और स्टेटस चेक करता रहा तो कोई पूछताछ केंद्र पर पहुंचकर ट्रेन के आने का समय जानने की कोशिश करता नजर आया।
इसके बावजूद यात्रियों को समय पर राहत नहीं मिल सकी। कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से एक घंटे से लेकर पांच घंटे से भी अधिक की देरी से स्टेशन पहुंचीं। सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हुई, जिन्हें आगे की यात्रा करनी थी या फिर जरूरी काम से दिल्ली, गाजियाबाद और अन्य शहरों तक पहुंचना था।
ट्रेनों की लगातार देरी के कारण यात्रियों का समय प्लेटफार्म पर ही बीतता रहा। रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद भी यात्रियों को यह स्पष्ट जानकारी मिलने का इंतजार करना पड़ा कि उनकी ट्रेन आखिर कब तक पहुंचेगी। लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ स्थानीय और दैनिक यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण मेमू ट्रेन के देरी से पहुंचने का असर भी यात्रियों की दिनचर्या पर पड़ा।
काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस 3 घंटे 43 मिनट लेट, पद्मावत ने भी कराया इंतजार
सोमवार को हापुड़ रेलवे स्टेशन पर आने वाली कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। प्रतापगढ़ जंक्शन से दिल्ली जंक्शन जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से एक घंटा तीन मिनट की देरी से पहुंची। वहीं, अयोध्या कैंट से आनंद विहार टर्मिनल जाने वाली आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल ट्रेन दो घंटे 29 मिनट की देरी से आई।बनारस से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस की देरी ने यात्रियों को सबसे अधिक परेशान किया। यह ट्रेन तीन घंटे 43 मिनट की देरी से हापुड़ पहुंची। इसी तरह प्रयागराज संगम से सहारनपुर जंक्शन जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस भी एक घंटा 24 मिनट की देरी से स्टेशन पहुंची।
इन ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों को अपने निर्धारित समय से काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। लंबी दूरी की ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों की आगे की यात्रा का कार्यक्रम भी प्रभावित होने की आशंका बनी रही।
मेमू से लेकर अवध असम एक्सप्रेस तक प्रभावित रहा संचालन
ट्रेनों की लेटलतीफी का असर केवल लंबी दूरी की ट्रेनों तक सीमित नहीं रहा। मुरादाबाद जंक्शन से गाजियाबाद जंक्शन जाने वाली मेमू ट्रेन दो घंटे 41 मिनट की देरी से पहुंची। इस ट्रेन के माध्यम से सफर करने वाले यात्रियों को भी स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा।लालगढ़ जंक्शन से डिब्रूगढ़ जाने वाली अवध असम एक्सप्रेस एक घंटा 12 मिनट की देरी से आई।
वाराणसी जंक्शन से दिल्ली जंक्शन जाने वाली दिल्ली स्पेशल ट्रेन एक घंटा 41 मिनट लेट रही। वहीं, आनंद विहार टर्मिनल से अयोध्या कैंट जाने वाली स्पेशल ट्रेन अपने निर्धारित समय से तीन घंटे 19 मिनट की देरी से पहुंची। नई दिल्ली से बनारस जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी एक घंटा 32 मिनट की देरी से आई। इसके अलावा सहरसा जंक्शन से अमृतसर जंक्शन जाने वाली अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस ने यात्रियों को सबसे लंबा इंतजार कराया। यह ट्रेन पांच घंटे 39 मिनट की देरी से स्टेशन पहुंची।
सर्दी शुरू होने से पहले ही यात्रियों की बढ़ी परेशानी
यात्रियों का कहना है कि अभी सर्दी का मौसम शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन ट्रेनों के संचालन में घंटों की देरी देखने को मिल रही है। सर्दियों में कोहरा बढ़ने के दौरान ट्रेनों का संचालन पहले से ही चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में अभी से ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को आने वाले दिनों में और परेशानी होने की चिंता सता रही है।यात्रियों के मुताबिक, ट्रेन से सफर करने वाले लोग अपने काम, नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए समय निर्धारित करके घर से निकलते हैं। ऐसे में ट्रेन के कई घंटे देरी से पहुंचने पर उनका पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो जाता है। स्टेशन पर लंबे समय तक इंतजार करना भी परेशानी का कारण बनता है, खासकर उन यात्रियों के लिए जो परिवार और बच्चों के साथ सफर कर रहे होते हैं।
रेलवे प्रशासन से समयबद्ध संचालन की मांग
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या पर ध्यान देने और संचालन व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। उनका कहना है कि यात्रियों को ट्रेनों की वास्तविक स्थिति की समय पर जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बना सकें। साथ ही, ट्रेनों के लगातार विलंब के कारणों की समीक्षा कर समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
हापुड़ रेलवे स्टेशन से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली, गाजियाबाद, मुरादाबाद और अन्य शहरों की ओर यात्रा करते हैं। ऐसे में ट्रेनों का समय पर संचालन यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ऐसी व्यवस्था करेगा, जिससे उन्हें प्लेटफार्म पर घंटों इंतजार न करना पड़े और वे समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।


