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Hapur News : हापुड़ में 29 साल पुराने प्लॉट पर फर्जी बैनामे से कब्जे की साजिश, मुकदमा दर्ज
Hapur News: हापुड़ में 29 साल पुराने प्लॉट पर फर्जी बैनामे से कब्जे की कोशिश का आरोप, महिला समेत दो नामजद पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज।
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Hapur News :-जनपद में जमीन और संपत्ति से जुड़े विवाद लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चमरी से सामने आया है, जहां एक परिवार ने अपने पुश्तैनी कब्जे वाले प्लॉट पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने जालसाजी और धोखाधड़ी के जरिए फर्जी बैनामा तैयार कराया और फिर उसी के आधार पर प्लॉट पर मालिकाना हक जताते हुए कब्जा करने का प्रयास किया।
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने एक महिला समेत दो नामजद आरोपियों तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह सिर्फ एक जमीन विवाद नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से संपत्ति हड़पने का बड़ा प्रयास हो सकता है।
वर्ष 1996 में खरीदा गया था प्लॉट, परिवार के कब्जे में रहा
आर्य नगर निवासी पुनीत सिरोही ने क्षेत्राधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी माता मुन्नी देवी ने वर्ष 1996 में मोहल्ला चमरी स्थित एक प्लॉट बंधु खां से खरीदा था। खरीदारी के बाद से ही उक्त भूमि उनके परिवार के कब्जे में रही है।
पीड़ित के अनुसार पिछले लगभग 29 वर्षों से प्लॉट पर किसी अन्य व्यक्ति ने कभी दावा नहीं किया। प्लॉट की चारदीवारी भी बनी हुई है और नियमित रूप से उसकी देखभाल की जाती रही है। इतना ही नहीं, बिजली कनेक्शन और हाउस टैक्स के अभिलेख भी उनकी माता के नाम दर्ज हैं, जो स्वामित्व और कब्जे का प्रमाण हैं।पुनीत का कहना है कि परिवार हमेशा से इस संपत्ति को अपनी वैध संपत्ति मानकर उपयोग करता रहा है और कभी किसी तरह का विवाद सामने नहीं आया।
गिफ्ट डीड के जरिए बेटे को सौंप दी गई थी संपत्ति
पीड़ित ने बताया कि उनकी माता मुन्नी देवी ने सितंबर 2025 में कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उक्त प्लॉट की गिफ्ट डीड उनके पक्ष में निष्पादित कर दी थी। इसके बाद से वह संपत्ति के वैध स्वामी हैं और प्लॉट की देखरेख भी वही कर रहे हैं।गिफ्ट डीड के बाद संपत्ति का कब्जा भी उन्हें सौंप दिया गया था। परिवार को उम्मीद नहीं थी कि कुछ ही महीनों बाद इस तरह का विवाद खड़ा हो जाएगा।
अचानक पहुंची महिला और साथियों ने जताया मालिकाना हक
शिकायत के अनुसार 8 जून की शाम पुनीत सिरोही अपने प्लॉट पर मौजूद थे। तभी ग्राम सबली निवासी वैशाली अपने 7-8 साथियों के साथ वहां पहुंची और प्लॉट को अपना बताते हुए उस पर कब्जा करने का प्रयास करने लगी।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी पक्ष ने वहां पहुंचते ही दबाव बनाने की कोशिश की और प्लॉट पर अपना अधिकार जताना शुरू कर दिया। विरोध करने पर गाली-गलौज की गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।बताया गया कि आरोपी पक्ष के साथ मौजूद सन्नी त्यागी ने भी कथित रूप से धमकी दी और पीड़ित परिवार को डराने का प्रयास किया।
विवाद बढ़ा तो डायल-112 को दी सूचना
स्थिति बिगड़ती देख पुनीत सिरोही ने तत्काल डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए कोतवाली ले आई।पुलिस के हस्तक्षेप से मौके पर कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ, लेकिन थाने में पूछताछ के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
थाने में दिखाया गया बैनामा, यहीं से खुला विवाद का नया अध्याय
पुनीत सिरोही के अनुसार थाने में पूछताछ के दौरान वैशाली ने स्वयं को प्लॉट का मालिक बताते हुए 1 अगस्त 2025 का एक विक्रय पत्र (बैनामा) प्रस्तुत किया।जब पुलिस ने दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली तो आरोपी पक्ष ने उक्त बैनामे के आधार पर प्लॉट पर अपना दावा जताया। हालांकि दस्तावेज देखने के बाद पीड़ित परिवार ने उसे पूरी तरह फर्जी बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
'मां ने कभी नहीं बेचा प्लॉट, दस्तावेज पूरी तरह जाली'
पीड़ित का आरोप है कि उनकी माता ने कभी किसी वैशाली नाम की महिला को प्लॉट नहीं बेचा और न ही उसके पक्ष में कोई दस्तावेज तैयार कराया।शिकायत में कहा गया है कि बैनामे पर उनकी माता के जाली हस्ताक्षर और फर्जी अंगूठे के निशान लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, किसी अन्य महिला को मुन्नी देवी बताकर दस्तावेज तैयार कराने की आशंका भी जताई गई है।
परिवार का कहना है कि उनकी माता वैशाली को जानती तक नहीं हैं। ऐसे में उसके नाम पर किसी भी प्रकार का विक्रय पत्र होना अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है।
संपत्ति हड़पने के लिए रचा गया सुनियोजित षड्यंत्र?
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष ने अन्य लोगों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र रचा। पहले कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए और फिर उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर प्लॉट पर कब्जा करने की कोशिश की गई।उनका कहना है कि यदि समय रहते मामला सामने नहीं आता तो आरोपी पक्ष फर्जी कागजात के आधार पर संपत्ति पर कब्जा जमा सकता था।पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले लोगों की भी पहचान करने की मांग की है।
झूठे मुकदमों में फंसाने और जान से मारने की धमकी का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब परिवार ने विरोध किया तो आरोपी पक्ष ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।पीड़ित का कहना है कि वह और उनका परिवार इस घटना के बाद से भय और तनाव में है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा प्रदान करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, दस्तावेजों की होगी जांच
कोतवाली प्रभारी मनीष चौहान ने बताया कि मामले में प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच कर रही है।उन्होंने बताया कि विवादित बैनामे और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कराई जाएगी। यदि जांच में जालसाजी, फर्जी हस्ताक्षर या धोखाधड़ी की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने में और कौन-कौन लोग शामिल थे।


