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Hapur News: बदनौली जाने से कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को रोका, पूर्व सांसद बोले- ‘क्या इमरजेंसी लगी है'
Hapur News: हापुड़ के बदनौली में दीपक की मौत के मामले में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने गांव जाने से रोका। दानिश अली ने सवाल उठाए और परिवार से वीडियो कॉल पर भी बात की।
Hapur News: यूपी के जनपद हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव बदनौली में दलित युवक दीपक की मौत के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। पीड़ित परिवार से मिलने गांव जा रहे कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस और प्रशासन ने रास्ते में रोक दिया। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी बात सुनना चाहता है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करना चाहता है।
पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रतिनिधिमंडल को गांव बदनौली जाने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद मौके पर काफी देर तक बातचीत होती रही। अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर, सीओ दीपक चतुर्वेदी, थाना प्रभारी सुरेश कुमार और थाना प्रभारी पिलखुवा मनोज बालियान ने पूर्व सांसद को समझाने का प्रयास किया। काफी बातचीत के बाद पूर्व सांसद गांव जाने की जिद छोड़ने को तैयार हुए। इसके बाद पुलिस ने वीडियो कॉल के माध्यम से दीपक के परिजनों से उनकी बातचीत कराई।
‘हम शांति के दूत हैं, पीड़ित परिवार से मिलना चाहते हैं’
पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली ने कहा कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए बदनौली नहीं जा रहा था। उन्होंने कहा कि पार्टी पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी पीड़ा सुनना चाहती है और परिवार को न्याय दिलाने की आवाज उठाना चाहती है।उन्होंने कहा, “हम जननायक राहुल गांधी के शांति दूत हैं। हम उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान लेकर आए हैं। हम किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते।”दानिश अली ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि दबंगों को संरक्षण मिलने के कारण प्रदेश में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष अगर किसी पीड़ित परिवार से मिलने जाता है तो उसे रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़ा करता है।
‘क्या इमरजेंसी लगी है?’
पूर्व सांसद ने कहा कि देश का संविधान सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस नेता पीड़ित परिवार से मिलने और उनकी बात सुनने जा रहे हैं तो उन्हें गांव में जाने से क्यों रोका जा रहा है।उन्होंने कहा, “क्या इमरजेंसी लगी है? डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान के मुताबिक सभी को बराबरी का हक है। गरीब, वंचित और बहुजन समाज के लोगों की जान-माल की रक्षा योगी सरकार में नहीं हो रही है।”दानिश अली ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लोगों को बांटने और आपस में लड़ाने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब होने के पीछे समय रहते पुलिस-प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं किया जाना भी एक कारण है। उन्होंने प्रदेश सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विफल बताया।
वीडियो कॉल पर हुई पीड़ित परिवार से बातचीत
बदनौली जाने से रोके जाने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पूर्व सांसद की दीपक के परिजनों से वीडियो कॉल पर बातचीत कराई। इस दौरान उन्होंने परिवार से घटना और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। कांग्रेस नेताओं ने परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव स्तर पर आवाज उठाने की बात कही।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि उनका उद्देश्य किसी तरह का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार की आवाज प्रशासन और सरकार तक पहुंचाना है।
राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
गांव जाने की अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में दीपक के परिवार को न्याय दिलाने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले में उचित कार्रवाई सहित अन्य मांगें उठाई गईं।
एसडीएम ने कांग्रेस नेताओं को आश्वासन दिया कि ज्ञापन को उचित माध्यम से राज्यपाल तक भेज दिया जाएगा।
कई कांग्रेस नेताओं को घरों पर किया गया नजरबंद
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतिनिधिमंडल के बदनौली पहुंचने से पहले ही जिले के कई कांग्रेस नेताओं को उनके घरों पर नजरबंद कर दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर सवाल उठाए। नेताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से पीड़ित परिवार से मिलने जाने से रोकना उचित नहीं है।वहीं पुलिस-प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के मद्देनजर नेताओं को गांव जाने से रोकने की बात कही गई।
कांग्रेस ने कहा- पीड़ित परिवार को मिले न्याय
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बदनौली की घटना में मृतक के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और जिन लोगों के खिलाफ आरोप हैं, उनके विरुद्ध निष्पक्ष जांच के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी ने परिवार की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया।
इस मौके पर पूर्व विधायक गजराज सिंह, पूर्व प्रदेश सचिव विशाल वशिष्ठ, पूर्व जिलाध्यक्ष गाजियाबाद विनीत त्यागी, गाजियाबाद नगर अध्यक्ष वीर सिंह जाटव, पूर्व जिलाध्यक्ष सैय्यद अयाजुद्दीन, पूर्व जिलाध्यक्ष सेवादल गाजियाबाद मांगेराम त्यागी, पूर्व शहर अध्यक्ष दिनेश चंद शर्मा, एससी-एसटी प्रदेश सचिव रश्मि चौधरी, रामप्रसाद जाटव, डॉ. वीसी शर्मा, सविता गौतम, नरेश भाटी, चौधरी मुरसलीन, मानवी सिंह, गौरव गर्ग, मजहर खान, गुलफाम कुरैशी, रामलाल आर्य, लाल बहादुर, मोहम्मद नफीस, आमिर मलिक, अजीत शर्मा, मोहम्मद परवेज, फुरकान, बॉबी त्यागी, अर्पित आंबेडकर, अनूप कर्दम, गोपाल भारती, महबूब अली, अमित कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।


